शह मात The Big Debate: ‘शहीद’ वाला प्रोपेगेंडा.. दिमागी नक्सली या सियासी एजेंडा! वायरल वीडियो पर छत्तीसगढ़ में नया वबाल, माओवादियों को शहीद बताने वाला आखिर कौन?

Ads

'शहीद' वाला प्रोपेगेंडा.. दिमागी नक्सली या सियासी एजेंडा! वायरल वीडियो पर छत्तीसगढ़ में नया वबाल, Politics in Chhattisgarh on Mental Naxalism

  •  
  • Publish Date - September 7, 2026 / 11:50 PM IST,
    Updated On - September 8, 2026 / 12:09 AM IST

रायपुरः Mental Naxalism in Chhattisgarh नक्सलवाद जमीन पर तो खत्म हो गया, लेकिन जहन से खत्म ना हो जाए दबे-छिपे चंद लोग इसके लिए लगातार कोशिशें जारी रखे हुए हैं। हाल ही में सोशल प्लेटफार्म यूट्यूब पर,नक्सलियों को शहीद बताते हुए एक गाना अपलोड किया गया है। इसमें थुलथुली मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों को ‘शहीद’ बताते हुए। उनके संघर्ष, वीरता और शहादत की कहानियां गाई गई हैं। इसमें कायाराना नक्सली करतूतों को क्रांति बताते हुए, मारे गए नक्सलियों को ‘अमर’ बताया गया है। वीडियो पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि अब दिमागी नक्सलियों को डोज देने की जरूरत है, PM मोदी पहले ही होम्योपैथी डोज दे चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी चुनाव जीतने नक्सलियों का सपोर्ट कर रही है। ये दावा भी किया कि सुरक्षा ऐजेंसीज की ऐसे सोशल मीडिया पोस्ट और ऐसी गतिविधियों पर नजर है।

Mental Naxalism in Chhattisgarh वहीं, बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस पार्टी ने उल्टे बीजेपी को नक्सल मामलों में जमकर घेरा। PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि, यूट्यूब पर ऐसे वीडियो कौन डाल रहा है,वे नहीं जानते लेकिन कांग्रेस ने कभी हिंसा का समर्थन नहीं किया। उन्होंने बीजेपी को घेरते हुए कहा कि झीरम मामले में भाजपा सरकार इन्वॉल्व रही, नक्सलियों से उनकी साठगांठ है, तभी तो बड़े नक्सली लीडर्स के लिए रेड कार्पेट बिछाए, उन्हें बचाया जा रहा।

कुल मिलाकर नक्सलियों के संघर्ष तो क्रांति बताना, मारे गए नक्सिलयों को शहीद बताना। कोशिश यही है कि नक्लियों को पीड़ित और जल-जंगल के लिए संघर्षकर्ता बताया जाए। ये जहर बोने वाले कौन हैं, कहां से छिपकर वार कर रहे हैं? उनका इलाज होना बेहद जरूरी है, लेकिन सवाल ये है कि ऐसे लोगों को मौन समर्थन कौन दे रहा है? और क्यों दे रहा है?