नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को महिला आरक्षण से संबंधित विधेयकों का विरोध करने के लिए लोकसभा की कार्यवाही में काले कपड़े पहनकर शामिल हुए द्रमुक सांसदों पर निशाना साधा और कहा कि यह बुरी नजर से बचाने के लिए ‘काला टीका’ लगाने जैसा है।
लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर अपने भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी की।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं हल्के-फुल्के अंदाज में कुछ कहना चाहूंगा।’’
मोदी ने द्रमुक सांसदों के काले कपड़ों और काले झंडों का परोक्ष जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हरेक के अपने राजनीतिक करण होते हैं। पराजय का डर जरा हैरान करने वाला होता है। अपने यहां जब भी कोई शुभ काम होता है तो उसे नजर नहीं लग जाए, इसके लिए काला टीका लगाने की परंपरा है। मैं आपका धन्यवाद करता हूं काला टीका लगाने के लिए।’’
द्रमुक सांसद जहां लोकसभा में काले परिधान पहनकर आए, वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष एम के स्टालिन ने राज्य में एक चुनावी रैली के दौरान काला झंडा लहराया और परिसीमन विधेयक को ‘काला कानून’ करार देते हुए उसकी प्रति जलाई।
इसके बाद द्रमुक के नेताओं, राज्य के मंत्रियों और कार्यकर्ताओं ने भी अपने घरों, पार्टी दफ्तरों पर काले झंडे लगाए।
भाषा वैभव अविनाश
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