प्रधानमंत्री का वक्तव्य भ्रम पैदा करने की कवायद थी : खरगे

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प्रधानमंत्री का वक्तव्य भ्रम पैदा करने की कवायद थी : खरगे

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  • Publish Date - March 24, 2026 / 05:45 PM IST,
    Updated On - March 24, 2026 / 05:45 PM IST

नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट पर राज्यसभा में जो वक्तव्य दिया, वो भ्रम पैदा करने की कवायद थी और उससे जवाब मिलने के बजाय नए सवाल खड़े हो गए।

राज्यसभा में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में छिड़े वर्तमान संघर्ष के कारण उत्पन्न स्थिति से निबटने के लिए अधिकार संपन्न सात नये समूहों का गठन किया गया है, जो एलपीजी, आवश्यक सेवाओं एवं वस्तुओं की आपूर्ति एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अन्य विषयों का नियमित आकलन कर सुझाव देंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और इसके कारण भारत के सामने आई चुनौतियों पर राज्यसभा में वक्तव्य देते हुए कहा कि तीन सप्ताह से अधिक समय हो चुका है तथा इस युद्ध ने विश्व में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है।

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी का 20 मिनट का बयान, ज्यादा से ज्यादा भ्रम पैदा करने की एक कवायद थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम तीन मूलभूत प्रश्नों के स्पष्ट उत्तर चाहते हैं। सबसे पहले, अपने असंगत और अस्थिर कूटनीतिक रुख के माध्यम से प्रधानमंत्री ने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता के संतुलन को बदल दिया है। प्रधानमंत्री इस स्पष्ट बदलाव के बारे में संसद और राष्ट्र को विश्वास में लेने में क्यों विफल रहे, और भारत की रणनीतिक स्वायत्तता बहाल करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं?’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लगभग 37-40 भारतीय ध्वज वाले जहाज, जिनमें लगभग 1,100 नाविक हैं, होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं, जिनका माल लगभग 10,000 करोड़ रुपये है।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्तिगत रूप से दो बार ईरानी राष्ट्रपति से बात करने और विदेश मंत्री द्वारा अपने ईरानी समकक्ष के साथ कई बार बातचीत करने के बावजूद, भारत अपने स्वयं के जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने में विफल क्यों रहा है? चीन, रूस, जापान जैसे देशों के साथ-साथ अन्य ‘‘मित्र देशों’’ को सुरक्षित पारगमन की अनुमति क्यों दी जा रही है, जबकि भारतीय जहाज फंसे हुए हैं?’’

खरगे के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले देश की कच्चे तेल एवं गैस की मांग को 27 देशों से आयात करके पूरा किया जाता था, वहीं आज भारत 41 देशों से ऊर्जा आयात करता है।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘यदि हां, तो कौन से देश वर्तमान में भारत को एलएनजी, एलपीजी और कच्चे तेल की आपूर्ति कर रहे हैं और कितनी मात्रा में? देश भर में नागरिकों को अभी भी कमी, लंबी कतारों, कालाबाजारी और अधिक कीमतों का सामना क्यों करना पड़ रहा है?’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने अब स्थिति की तुलना ‘कोविड’’ से की है। राष्ट्र महामारी के दौरान की दुखद पीड़ा को नहीं भूल सकता, जब 40 लाख से अधिक लोगों की जान चली गई और अनगिनत नागरिकों को ऑक्सीजन जैसी बुनियादी आवश्यकताओं के लिए संघर्ष करना पड़ा।’’

खरगे ने सवाल किया, ‘‘क्या प्रधानमंत्री अब यह सुझाव दे रहे हैं कि 140 करोड़ भारतीय नागरिकों को एक बार फिर अपनी सुरक्षा स्वयं करनी होगी, क्योंकि देश बढ़ते ऊर्जा संकट के साथ-साथ भोजन, उर्वरक, एमएसएमई और मुद्रास्फीति के दबाव का सामना कर रहा है?’’

उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी का बयान बहुत देर से आया है और जवाब देने से ज्यादा सवाल खड़े करता है।

भाषा हक

हक दिलीप

दिलीप