Policeman accused of pressurizing woman : नयी दिल्ली, 22 जनवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने एक बलात्कार पीड़िता के इस आरोप पर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है कि उस पर उनके कार्यालय में कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के दबाव बनाए गए। अदालत का कहना है कि जांच करने वाली एजेंसियां कानूनी प्रक्रियाओं से बाहर नहीं जा सकती हैं।
22 वर्षीय महिला ने अदालत का रूख कर आरोप लगाया कि एक हेड कांस्टेबल ने उससे बलात्कार किया और उसने उसका उपयोग एक वांछित अपराधी की गिरफ्तारी के लिए हनी ट्रैप के तौर पर किया। महिला ने अदालत से आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। अदालत ने उसकी याचिका पर पहले पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी।
बलात्कार पीड़िता शुक्रवार को अदालत के समक्ष वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पेश हुई और आरोप लगाया कि उसे सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के कार्यालय में बुलाया गया और कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर लिए गए। उसने दावा किया कि आरोपी पुलिसकर्मी उस पर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहा है।
महिला की शिकायत पर मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने एसीपी से कहा कि जवाब दीजिए कि शिकायतकर्ता को किन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए बाध्य किया गया।
अदालत ने पुलिस उपायुक्त को निर्देश दिया कि बलात्कार पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
भाषा नीरज नीरज उमा
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