(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, पांच जून (भाषा) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्कूलों के लिए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण नीति के मसौदे पर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और शिक्षा व्यवस्था में मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के वास्ते एक समग्र और निवारक दृष्टिकोण अपनाने की मांग की।
शिक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि बैठक में अधिकारी, समिति सदस्य और संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ उपस्थित थे और इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और स्कूलों से जुड़े अन्य लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करना था।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों, समिति सदस्यों और संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ स्कूलों के लिए प्रस्तावित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण नीति के मसौदे पर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।’’
यह स्पष्ट नहीं है कि बैठक कब हुई थी।
समग्र और निवारक दृष्टिकोण के महत्व पर जोर देते हुए प्रधान ने ‘‘सुरक्षित, समावेशी और सहायक शिक्षण वातावरण को बढ़ावा देने, मानसिक स्वास्थ्य, सहानुभूति, देखभाल, विश्वास और भावनात्मक लचीलेपन को प्रोत्साहित करने वाली सकारात्मक विद्यालय संस्कृति का निर्माण करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अभिन्न अंग के रूप में मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को विद्यालय प्रणाली, प्रथाओं और कार्यान्वयन में एकीकृत करने’’ की आवश्यकता पर बल दिया।
मंत्री ने यह भी कहा कि नीति ‘‘भारतीय ज्ञान प्रणालियों और संस्कृति का लाभ उठाने के उद्देश्य से होनी चाहिए’’ और ‘‘व्यावहारिक रूप से लागू करने योग्य’’ होनी चाहिए। साथ ही, शिक्षकों को छात्रों के लिए प्रथम स्तर के मार्गदर्शक के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए।
अधिकारियों ने पिछले महीने कहा था कि मंत्रालय विद्यालय स्तर पर एक मानसिक स्वास्थ्य नीति भी लागू करने जा रहा है और इसे जल्द सार्वजनिक डोमेन में रखा जाएगा।
भाषा सुरभि वैभव
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