नयी दिल्ली, 18 जून (भाषा)केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने चिकित्सा के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 21 जून को दोबारा आयोजित की जा रही राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारियों का जायजा लेने के बृहस्पतिवार को शिक्षा मंत्रालय, राज्य सरकारों, नेशनल परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और उच्च शिक्षा संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की।
नीट-यूजी इस साल तीन मई को कराई गई थी, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बीच एनटीए ने इसे 12 मई को रद्द कर दिया था। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई)इससे जुड़े प्रकरण की जांच कर रहा है।
प्रधान ने बैठक को संबोधित करते हुए परीक्षा प्रक्रिया में ‘शुचिता, पारदर्शिता और दक्षता के उच्चतम मानकों’’ को बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सतर्क रहें और दोबारा हो रही परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
मंत्री ने कहा कि मंत्रालय द्वारा नियुक्त अधिकारी पुन: परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी गतिविधियों का समन्वय करने के लिए सभी राज्यों में जाएंगे और एनटीए के महानिदेशक की अध्यक्षता वाले नियंत्रण केंद्र को रिपोर्ट करेंगे।
उन्होंने राज्य सरकारों के नोडल अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि छात्रों को सभी जरूरी सुविधाएं दी जाएँ, ताकि वे तनाव-मुक्त माहौल में दोबारा परीक्षा दे सकें।
इस बैठक में स्कूली शिक्षा और साक्षरता सचिव संजय कुमार, उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी और एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह समेत अन्य लोग शामिल हुए।
कुमार ने राज्य सरकारों के नोडल अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे इस संबंध में उचित कदम उठाएं।
जोशी ने कहा कि अभी से लेकर दोबारा परीक्षा की तारीख के बीच का समय बहुत अहम है। उन्होंने सक्रिय समन्वय, समय पर निर्देश देने और सभी तय नियमों का सख्ती से पालन करने की जरूरत को रेखांकित किया।
अभिषेक सिंह ने कहा कि एनटीए सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम कर रहा है – जिनमें जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जिला-स्तरीय समन्वय समितियां, राज्य पुलिस विभाग और खुफिया एजेंसियां शामिल हैं – ताकि दोबारा परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जा सके।
मंत्रालय के अनुसार, विस्तृत चर्चा में परीक्षा की तैयारी, समन्वय, सुरक्षा प्रोटोकॉल, लॉजिस्टिक्स से जुडी व्यवस्थाएं, शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया और परीक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन शामिल था।
मंत्रालय ने बताया कि इस बैठक में 222 लोग शामिल हुए और यह बैठक ‘हाइब्रिड मोड’ (ऑनलाइन और ऑफलाइन) में आयोजित की गई।
विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारियों, केंद्र से वित्तीय अनुदान पाने वाले संस्थानों के नोडल अधिकारियों और उच्च शिक्षण संस्थानों के उपकुलपति व निदेशकों ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया।
भाषा धीरज नरेश
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