नयी दिल्ली, 18 जून (भाषा) केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) और अन्य ग्रामीण कनेक्टिविटी पहल के तहत 26,474 किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़कें बनाने के लिए 18,907 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क परियोजना के तहत राज्य-वार भौतिक और वित्तीय प्रगति का आकलन करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल की अध्यक्षता में हुई एक व्यापक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में इसे रेखांकित किया गया।
मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, कंसल ने 2026-27 के लिए राज्य-वार लक्ष्यों और उनके कार्यान्वयन की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान, उन इलाकों में ग्रामीण कनेक्टिविटी को पूरी तरह से सुनिश्चित करने पर विशेष रूप से जोर दिया गया, जहां यह अभी तक नहीं है।
वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों में सड़क अवसंरचना के रणनीतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए सचिव ने राज्यों को निर्देश दिया कि वे इस कार्य में शामिल एजेंसियों के साथ मिलकर काम करें और यह सुनिश्चित करें कि काम समय पर पूरा हो।
राज्यों को निर्देश दिया गया कि वे पीएमजीएसवाई के पहले चरण और प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) के तहत शेष सभी बिना सड़क संपर्क वाली बस्तियों में काम तेजी से पूरा करें, और कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) वाली बस्तियों पर विशेष रूप से ध्यान दें।
बारहमासी सड़कों की जरूरत पर जोर देते हुए, सचिव ने राज्यों से कहा कि वे विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का काम तेजी से करें और कनेक्टिविटी से संबंधित रूकी हुई परियोजनाओं को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करें।
इस समीक्षा बैठक में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, जम्मू कश्मीर, झारखंड, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, राजस्थान और तेलंगाना के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और राज्य ग्रामीण सड़क विकास एजेंसियों (एसआरआरडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
भाषा सुभाष नरेश
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