नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायक से बात की तथा उनके साथ पश्चिम एशिया की उभरती स्थिति खासकर वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित करने वाली बाधाओं पर चर्चा की।
श्रीलंका के नेता के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने भारत-श्रीलंका ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने और क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से की गई प्रमुख पहलों पर हुई प्रगति की समीक्षा भी की।
मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मैंने राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायक से बात की तथा पश्चिम एशिया की उभरती स्थिति और खासकर वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित करने वाली बाधाओं पर चर्चा की।’’
उन्होंने कहा कि घनिष्ठ और भरोसेमंद साझेदारों के रूप में, ‘‘हमने साझा चुनौतियों का सामना करने के लिए मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी।’’
पश्चिम एशिया में संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ।
ईरान ने भी अपने खाड़ी पड़ोसी देशों और इज़राइल पर हमला करके जवाबी कार्रवाई की।
संघर्ष के कारण, होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले प्रमुख समुद्री परिवहन मार्ग पर यातायात बाधित हो गया है, जिससे होकर विश्व की 20 प्रतिशत ईंधन जहाज गुजरते हैं। ईरान ने बहुत कम जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की अनुमति दी है।
मोदी ने सोमवार को कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर जहाजों की आवाजाही में होने वाली बाधा पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
भाषा राजकुमार दिलीप
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