प्रियंका गांधी ने वायनाड में ‘बेकिंग’ में आजमाए हाथ

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प्रियंका गांधी ने वायनाड में 'बेकिंग' में आजमाए हाथ

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  • Publish Date - September 24, 2026 / 09:02 PM IST,
    Updated On - September 24, 2026 / 09:02 PM IST

वायनाड (केरल), 24 सितंबर (भाषा) कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा बृहस्पतिवार को राजनीति से इतर एक अलग अंदाज में नजर आईं। वह वायनाड के ‘किनफ्रा पार्क’ की एक बेकरी में पहुंचीं, जहां उन्होंने केक पर क्रीम से सजावट की और ‘बेकिंग’ में हाथ आजमाया।

घरेलू रसोई में कुछ नया आजमाने की सहज उत्सुकता के साथ कांग्रेस महासचिव बेकिंग के छोटे-छोटे काम का भरपूर आनंद लेती दिखीं।

प्रियंका वाद्रा ने बेकरी में तैयार किए गए केक पर क्रीम से सजावट की, जबकि रसोइए और वहां मौजूद अन्य कर्मचारी देखते रहे।

इस दौरान उनकी मुस्कान से साफ झलक रहा था कि वह इस काम का भरपूर आनंद ले रही हैं।

इसके बाद उन्होंने केरल औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम (किनफ्रा) के अधीन आने वाली इस इकाई के कर्मचारियों, अधिकारियों और उद्यमियों से बातचीत की।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, उन्होंने निर्यात और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।

अपने निर्वाचन क्षेत्र के दौरे के दौरान वायनाड की सांसद सुल्तान बतेरी स्थित राजीव गांधी मेमोरियल मॉडल रेडिजेंशियल स्कूल पहुंचीं, जहां छात्रों को नृत्य करते देख वह खुद को रोक नहीं सकीं और उनके साथ थिरकने लगीं।

उन्होंने चश्मा उतारा, चुन्नी को कंधों पर लपेटा और कमर पर हाथ रखकर छात्रों के साथ नृत्य करने लगीं। पारंपरिक ढोल की थाप पर छात्र गोल घेरा बनाकर नाच रहे थे और प्रियंका भी उनके साथ कदम से कदम मिलाने की कोशिश कर रही थीं। हालांकि, नृत्य के तेज कदमों के साथ उनकी गति कुछ देर बाद धीमी पड़ गई।

कुछ ही देर में वाद्रा एक ओर हट गईं और मुस्कुराते हुए तालियों के साथ छात्रों का उत्साह बढ़ाने लगीं, जबकि छात्र नृत्य करते रहे।

प्रियंका के विद्यालय पहुंचने पर नन्हें छात्रों ने गुलाब के फूल देकर उनका स्वागत किया। विद्यालय के एनसीसी कैडेटों ने उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया। इसके बाद उन्होंने कैडेट, अन्य छात्रों और विद्यालय के कर्मचारियों के साथ तस्वीरें और सेल्फी भी खिंचवाईं।

कुछ छात्राओं ने उनके स्वागत में पारंपरिक आदिवासी स्वागत गीत भी प्रस्तुत किया।

वाद्रा ने यहां कलपेट्टा में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की बैठक में भी हिस्सा लिया और जिले से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

इसके अलावा, उन्होंने जिले के जैविक किसानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। किसानों ने उन्हें जैविक खेती के सामने आ रही चुनौतियों से अवगत कराया जिनमें अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों की कमी, जलवायु परिवर्तन और फसल के लिए बाजार नहीं मिलना प्रमुख हैं।

भाषा

खारी पवनेश

पवनेश