नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) द्वारा 20 जुलाई को आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुईं झड़पों से संबंधित मामलों की जांच में सामने आया है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की भीड़ नियंत्रण व्यवस्था का मुकाबला करने के तरीके जानने के लिए संभवत: एआई टूल्स का इस्तेमाल किया, जिनमें आंसू गैस के असर को कम करने के लिए जूट के गीले बोरे इस्तेमाल करने जैसे तरीके भी शामिल हैं। पुलिस सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
सूत्र के अनुसार, जांच में ये संकेत भी मिले हैं कि कुछ लोगों ने संभवत: एआई प्लेटफॉर्म पर आंसू गैस के असर को कम करने और सुरक्षा बलों से टकराव की तैयारी से जुड़ी जानकारी खोजी।
सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “ कई तरीकों से जांच की जा रही है। हमें यह मानने के कारण मिले हैं कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने एआई टूल्स या अन्य जनरेटिव एआई प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके आंसू गैस के असर को तुरंत कम करने के तरीके खोजे, जैसे जूट के गीले बोरे का इस्तेमाल। साथ ही उन्होंने हार्ड हैट, मास्क और गॉगल्स जैसी सुरक्षा सामग्री के इस्तेमाल की भी जानकारी ली।”
उन्होंने कहा कि पुलिस सबूत जुटा रही है और इसमें समय लगता है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि प्रदर्शन से पहले और उसके दौरान प्रदर्शनकारियों के बीच ‘हार्ड हैट’, ‘फेस मास्क’ और सुरक्षा ‘गॉगल्स’ बांटे गए थे या नहीं।
सूत्र का दावा है कि इनका उद्देश्य यह हो सकता है कि प्रदर्शनकारियों को पुलिस कार्रवाई का सामना करने में बहुत ज्यादा परेशानी न हो।
सूत्र ने कहा कि जांच जारी है और पुलिस की टीम अपने निष्कर्षों की पुष्टि के लिए डिजिटल व अन्य सबूत जुटा रही हैं।
पुलिस ने यह नहीं बताया है कि कथित तौर पर किन एआई प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया था। यह भी नहीं बताया गया है कि क्या किसी डिजिटल डिवाइस की फोरेंसिक जांच की गई है।
नयी दिल्ली जिले के संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर समेत कई जगहों पर 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई थी। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने अवरोधक पार करने की कोशिश की थी।
पुलिस के मुताबिक, हिंसा के दौरान कई जगह पथराव हुआ, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को कई बार लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट गन का इस्तेमाल करना पड़ा।
भाषा जोहेब नरेश
नरेश