मलप्पुरम (केरलम), 23 सितंबर (भाषा) कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को कहा कि वायनाड लोकसभा क्षेत्र में वीबी-जीरामजी के कामगारों को उचित मोबाइल कनेक्टिविटी की कमी के कारण अपने किए गए काम का विवरण अपलोड करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था।
यह इलाका मुख्यतः पहाड़ी और वन क्षेत्र है।
वाद्रा ने कहा कि उन्होंने पहले ही यह मुद्दा उठाया है और संबंधित मंत्रालय को पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा कि एक बार जब वह अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा पूरा होने के बाद दिल्ली लौटेंगी तो वह इस मामले को उन लोगों के साथ उठाएंगी जो उस पोर्टल का प्रबंधन कर रहे हैं, जहां काम का विवरण अपलोड किया जाना है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत-गारंटी – रोजगार और आजीविका मिशन की गारंटी (ग्रामीण) (वीबी-जीरामजी) के तहत काम करने वाले श्रमिकों को अपने किए गए काम का विवरण और तस्वीरें दिन में दो बार अपलोड करनी होती है।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, “इन क्षेत्रों में मोबाइल सिग्नल ठीक से नहीं आता, कभी-कभी पोर्टल काम नहीं करता और श्रमिकों के पास स्मार्ट फोन नहीं हैं। इसलिए, उनके लिए दिन में दो बार पूरी जटिल प्रक्रिया से गुजरना बहुत मुश्किल है।”
कांग्रेस सांसद ने कहा कि पोर्टल उन दूरदराज और आदिवासी क्षेत्रों में काम नहीं करता जो मोबाइल सेवाओं के दायरे में नहीं आते।
उन्होंने कहा, “इसलिये, पोर्टल सिस्टम को उनके (कामगारों के) वास्ते सुगम बनाने के लिए बदला या संशोधित किया जाना चाहिए क्योंकि यही वे लोग हैं जिन्हें उस काम की सबसे ज्यादा जरूरत है। इसलिए, जब मैं वापस जाऊंगी तो मैं इसे उन लोगों के सामने उठाऊंगी जो पोर्टल को नियंत्रित करते हैं और उन्हें इस मुद्दे के बारे में समझाऊंगा।”
पहले के महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के विपरीत, जिसमें योजना की पूरी लागत केंद्र द्वारा वहन की जाती थी, वीबी-जीरामजी के तहत राज्य को व्यय का 40 प्रतिशत वहन करना होगा।
भाषा
प्रशांत पवनेश
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