पूर्व अनुमति के बिना कार्यवाही सोशल मीडिया पर पोस्ट या अपलोड करने पर रोक: उच्चतम न्यायालय

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पूर्व अनुमति के बिना कार्यवाही सोशल मीडिया पर पोस्ट या अपलोड करने पर रोक: उच्चतम न्यायालय

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  • Publish Date - July 24, 2026 / 02:16 PM IST,
    Updated On - July 24, 2026 / 02:16 PM IST

नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को उसकी कार्यवाही की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग को संबंधित सेक्रेटरी जनरल या उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरल की पूर्व अनुमति के बिना सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल मंचों पर ‘पोस्ट’ करने, दोबारा साझा (रीपोस्ट) करने या ‘अपलोड’ करने पर अंतरिम रोक लगा दी।

भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने अदालत की कार्यवाही के ‘लाइव-स्ट्रीम’ और उसके वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के कथित दुरुपयोग का मुद्दा उठाने वाली एक याचिका पर केंद्र सरकार तथा अन्य पक्षों से जवाब भी मांगा।

पीठ ने कहा, ‘‘अंतरिम उपाय के तौर पर निर्देश दिया जाता है कि इस न्यायालय के सेक्रेटरी जनरल या संबंधित उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरल की पूर्व अनुमति के बिना न्यायिक कार्यवाही की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग का कोई भी अंश निकालने (क्लिप तैयार करने), उसमें बदलाव करने, उसका प्रसार करने, सोशल मीडिया या अन्य डिजिटल मंचों पर पोस्ट करने, दोबारा साझा (रीपोस्ट) करने अथवा अपलोड करने की अनुमति नहीं होगी।’’

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने अदालत की कार्यवाही के वीडियो का सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल मंचों पर कथित दुरुपयोग किए जाने का मुद्दा उठाया।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने विकास सिंह की दलील से सहमति जताते हुए कहा कि इस संबंध में कुछ न कुछ नियमन होना चाहिए।

भाषा गोला सिम्मी

सिम्मी