चंडीगढ़, तीन अगस्त (भाषा) पंजाब विधानसभा में सोमवार को हंगामे की स्थिति रही और विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने कई बार प्रश्नपत्र लीक के आरोपों का मुद्दा उठाया तथा शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग की।
विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों के विधानसभा अध्यक्ष के आसन के समीप आने के बाद अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी।
प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने पिछले साढ़े चार वर्षों में कई परीक्षाओं के कथित प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा उठाया।
शिक्षा मंत्री बैंस की ओर इशारा करते हुए बाजवा ने कहा कि वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रदर्शन स्थल पर गए थे जहां उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी।
बाजवा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के कार्यकाल में परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की छह घटनाएं हुईं और उन्होंने बैंस के इस्तीफे की मांग की।
फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा के दौरान हाल में सामने आए नकल गिरोह का जिक्र करते हुए बाजवा ने स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह के इस्तीफे की भी मांग की।
इन आरोपों के प्रतिक्रिया देते हुए बैंस ने कहा कि वह प्रश्नकाल के बाद जवाब देंगे।
बाजवा और कांग्रेस के अन्य विधायक बैंस और सिंह के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे जबकि विधानसभा अध्यक्ष ने उनसे सदन की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया।
विधानसभा अध्यक्ष की बात नहीं मानते हुए कांग्रेस विधायक अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए और नारेबाजी करने लगे।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन में कांग्रेस विधायकों के व्यवहार की आलोचना की और उन पर नाटक करने का आरोप लगाया।
मान सरकार के कार्यों की तारीफ करते हुए चीमा ने कहा कि सरकारी नौकरियां सिर्फ योग्यता के आधार पर दी गईं।
कांग्रेस विधायकों की नारेबाजी और दोनों मंत्रियों के इस्तीफे की मांग के बीच अध्यक्ष ने कुछ समय के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी।
फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में हाल में नकल गिरोह की संलिप्तता का पता चलने के बाद विपक्ष कई परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों को लेकर ‘आप’ सरकार को निशाना बना रहा है।
भाषा सुरभि नरेश
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