पंजाब: लंबे समय तक बिना अनुमति के अनुपस्थित रहने के कारण चार अधिकारियों किया बर्खास्त

पंजाब: लंबे समय तक बिना अनुमति के अनुपस्थित रहने के कारण चार अधिकारियों किया बर्खास्त

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  • Publish Date - January 1, 2026 / 09:51 PM IST,
    Updated On - January 1, 2026 / 09:51 PM IST

चंडीगढ़, एक जनवरी (भाषा) पंजाब सरकार ने लंबे समय तक बिना अनुमति के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के कारण उत्पाद शुल्क एवं कराधान विभाग के चार कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

यह कार्रवाई राज्य कर आयुक्त द्वारा उक्त विभाग के तीन निरीक्षकों और एक क्लर्क के खिलाफ ‘स्वंय इस्तीफा’ नियम लागू करने के बाद की गई है। अधिकारियों के अनुसार, बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद ये कर्मचारी ड्यूटी पर वापस नहीं लौटे।

राज्य के वित्त, उत्पाद शुल्क एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार अनुशासनहीनता और कर्तव्य में लापरवाही के खिलाफ शून्य-सहिष्णुता की नीति अपनाती है।

उन्होंने कहा कि लोक सेवा में प्रतिबद्धता और जवाबदेही की आवश्यकता होती है और जो कर्मचारी इस तरह से अनुपस्थित रहते हैं, वे सरकारी सेवा में बने नहीं रह सकते।

अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय पंजाब सिविल सेवा (दंड और अपील) नियम, 1970 के तहत की गई जांच के बाद लिया गया है।

जालंधर-2 में एक निरीक्षक 15 मार्च, 2023 से अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित था, क्योंकि उसकी छुट्टी नामंजूर कर दी गई थी।वहीं, दूसरा 24 जून, 2023 से निलंबित किए जाने के बाद से अनुपस्थित पाया गया।

रोपड़ क्षेत्र में तैनात एक निरीक्षक निजी यात्रा पर विदेश गए थे। छुट्टी खत्म होने के बाद उन्हें 29 मई, 2021 को ड्यूटी पर लौटना था लेकिन तब से वह लगातार अनुपस्थित रहे, जिसके कारण उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

इसी के साथ यहां तैनात एक क्लर्क ने विदेश जाने के लिए छुट्टी मांगी थी, लेकिन मंजूरी न मिलने के बावजूद वह 11 सितंबर, 2023 से ड्यूटी पर नहीं आया। इस कारण उसके खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि ‘स्वंय इस्तीफा’ नियम के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी बिना स्वीकृत अवकाश के एक वर्ष से अधिक समय तक अनुपस्थित रहता है तो यह माना जाता है कि उसने स्वयं सेवा से इस्तीफा दे दिया है। ऐसे कर्मचारी पेंशन या अन्य किसी भी सेवा लाभ के पात्र नहीं होते हैं।

भाषा प्रचेता रंजन

रंजन