पंजाब: कपूरथला जेल में उत्पात मचाने वाले कैदियों के पास से लोहे की छड़ें और मोबाइल फोन बरामद

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पंजाब: कपूरथला जेल में उत्पात मचाने वाले कैदियों के पास से लोहे की छड़ें और मोबाइल फोन बरामद

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  • Publish Date - May 24, 2026 / 06:47 PM IST,
    Updated On - May 24, 2026 / 06:47 PM IST

चंडीगढ़, 24 मई (भाषा) पंजाब की कपूरथला जेल में झड़प के बाद हिंसक हुए कैदियों के पास से पुलिस ने रविवार को लोहे की छड़ें, लाठियां और मोबाइल फोन जब्त किए। व्यवस्था बहाल करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए और लाठीचार्ज भी किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि झड़प के दौरान दो कैदी घायल हो गए जबकि एक अन्य कैदी आंसू गैस के गोले की चपेट में आने से घायल हो गया।

पुलिस के मुताबिक, कोई भी पुलिसकर्मी या जेल कर्मचारी इस घटना में घायल नहीं हुआ।

पुलिस ने बताया कि घटना के सिलसिले में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। यह घटना शनिवार देर रात कपूरथला केंद्रीय कारागार के ब्लॉक-चार के कुछ कैदियों के बीच किसी मुद्दे पर हुई झड़प के दौरान हुई।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जेल अधिकारियों ने कैदियों को आपस में लड़ने से रोकने के लिए हस्तक्षेप करने की कोशिश की लेकिन कैदियों ने अधिकारियों के साथ हाथापाई और मारपीट करने का प्रयास किया।

कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा ने बताया कि जेल अधिकारियों से कुछ कैदियों के बीच झड़प की सूचना मिलने के बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया। उन्होंने बताया कि कुछ कैदियों ने अपनी बैरक के बाहर आग भी लगा दी थी।

अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि इस दौरान न तो कोई कैदी जेल परिसर से बाहर गया और न ही व्यवस्था भंग हुई। उन्होंने कपूरथला में पत्रकारों को बताया, “यह एक स्थानीय मामला था, जिसमें ब्लॉक-चार के कुछ कैदी आपस में लड़ रहे थे।”

तूरा ने बताया कि जेल के ब्लॉक-चार में बंद सभी कैदी कुख्यात अपराधी हैं, जिन पर चार या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

उन्होंने बताया कि कुछ कैदी बैरक से बाहर निकलकर छत पर पहुंच गए थे।

अधिकारी ने बताया कि कुछ कैदियों ने बैरक की छत पर जाने वाले द्वार और लोहे की ग्रिल को तोड़ दिया।

पुलिस ने बताया कि बल प्रयोग करने के बाद उन्हें वापस बैरक में लाने में सफल रहे। पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया, “स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया।”

उन्होंने बताया कि कुछ कैदियों के बीच आपसी प्रतिद्वंद्विता हो सकती है, जिसके कारण उनमें हाथापाई हुई।

यह पूछने पर कि कैदियों के पास लाठी-डंडे कैसे पहुंचे तो उन्होंने बताया, “हम गंभीर आरोपों का सामना कर रहे शातिर अपराधियों से निपट रहे हैं। उन्होंने लोहे की ग्रिल निकालकर उन्हें डंडे की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश की।”

जब उनसे पूछा गया कि मोबाइल जैमर लगे होने के बावजूद कैदियों ने हंगामे के वीडियो कैसे बनाए और उन्हें सोशल मीडिया पर कैसे साझा किया, तो अधिकारी ने कहा कि यह जांच का विषय है कि यह कैसे हुआ।

उन्होंने बताया, “हमने मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं।”

अधिकारी ने बताया, “हम उनका तकनीकी विश्लेषण करवाएंगे। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद हम मामले की तह तक जाएंगे।”

उन्होंने कुछ कैदियों के इस दावे को खारिज कर दिया कि जेल कर्मचारियों ने उनकी पिटाई की। तूरा ने बताया कि सभी कैदियों की गिनती कर उनकी उपस्थिति दर्ज कर ली गई है।

सूचना मिलते ही पुलिस उप महानिरीक्षक (जालंधर रेंज) नवीन सिंगला, कपूरथला एसएसपी (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक) तूरा और अन्य पुलिसकर्मियों सहित वरिष्ठ अधिकारी जेल की ओर रवाना हुए।

जेल परिसर के अंदर हुए हंगामे के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं।

इन वीडियो में कुछ कैदियों को जेल अधिकारियों पर बल प्रयोग करने का आरोप लगाते सुना जा सकता है। एक वीडियो में एक कैदी चोट के निशान दिखाते हुए नजर आ रहा है।

कपूरथला जेल में लगभग 4,000 कैदी हैं।

इस बीच, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता विक्रम सिंह मजीठिया ने कपूरथला जेल की घटना को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की आलोचना की।

मजीठिया ने कहा, ‘‘पंजाब की जेल अब सुधार केंद्र नहीं रह गई हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार में ये अपराधियों के लिए युद्धक्षेत्र बन गई हैं।’’

भाषा जितेंद्र सुभाष

सुभाष