बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले प्रश्नपत्र लीक माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा: प्रधानमंत्री मोदी

बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले प्रश्नपत्र लीक माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा: प्रधानमंत्री मोदी

बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले प्रश्नपत्र लीक माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा: प्रधानमंत्री मोदी
Modified Date: July 31, 2026 / 12:27 am IST
Published Date: July 31, 2026 12:27 am IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रश्नपत्र लीक की समस्या से निपटने के लिए केंद्र और राज्य, दोनों स्तरों पर शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार करना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले गिरोहों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

संसद द्वारा प्रश्नपत्र लीक रोधी कानून में संशोधन से जुड़े विधेयक को पारित किए जाने के तुरंत बाद देर शाम ‘इंस्टाग्राम’ पर जारी वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि अलग-अलग परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं न केवल छात्रों, बल्कि केंद्र सरकार और कई राज्यों के लिए भी बड़ी चुनौती बन गई हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘केंद्र और कई राज्य पिछले कई वर्षों से प्रश्नपत्र लीक की समस्या का सामना कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि इस समस्या ने विभिन्न परीक्षाओं में शामिल होने वाले बच्चों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है।

मोदी ने कहा, ‘‘इसलिए इस समस्या से निपटने के लिए शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव करना जरूरी हो गया है।’’

बुधवार को लोकसभा और बृहस्पतिवार को राज्यसभा से पारित हुए प्रश्नपत्र लीक रोधी विधेयक का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि वादे के मुताबिक, अब इस समस्या से निपटने के लिए एक मजबूत कानून लाया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले प्रश्नपत्र लीक गिरोहों, माफियाओं और इसमें शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।’’

सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि एक कार्य बल का गठन किया गया है, त्वरित अदालतें स्थापित की जा रही हैं और परीक्षा प्रक्रिया को मजबूत करने तथा अनियमितताओं को रोकने के लिए राज्यों से सुझाव लिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि छात्रों को समान और निष्पक्ष अवसर मिले।

मोदी ने कहा, ‘‘प्रश्न पत्र लीक की घटनाओं को बेरोकटोक जारी नहीं रहने दिया जाएगा। इस समस्या के खिलाफ हमारा अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।’’

भाषा सुरभि पारुल

पारुल


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