राहुल गांधी भारत की स्थिरता और सुरक्षा के खिलाफ काम कर रहे हैं : भाजपा

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राहुल गांधी भारत की स्थिरता और सुरक्षा के खिलाफ काम कर रहे हैं : भाजपा

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  • Publish Date - June 4, 2026 / 04:48 PM IST,
    Updated On - June 4, 2026 / 04:48 PM IST

नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस दावे पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक साल के भीतर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पद पर नहीं रहेंगे।

भाजपा ने राहुल पर देश में अस्थिरता पैदा करने के लिए दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया।

सत्तारूढ़ पार्टी ने यह भी कहा कि देश में अब तक केवल एक बार आपातकाल लगाया गया था और वह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाया गया था।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया था कि मोदी एक साल के भीतर प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे क्योंकि ‘‘चीजों को नियंत्रित करने का उनका जो ‘सिस्टम था, वह ध्वस्त हो रहा है।’’

उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि मोदी सरकार जनता के दबाव को कुचलने के लिए आपातकाल जैसा कदम उठा सकती है।

इन टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणियां कांग्रेस पार्टी के इतिहास और उसकी मानसिकता को दर्शाती हैं।

पूनावाला ने एक वीडियो बयान में कहा, ‘‘राहुल गांधी ऐसे परिवार से आते हैं, जिसका इतिहास आपातकाल से जुड़ा रहा है। इसलिए उन्हें लगता है कि हर कोई आपातकाल लगाने वाला है। भारत में संविधान को केवल एक बार कुचला गया था और वह इंदिरा गांधी ने किया था। उन्होंने जिस तरह संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया और उनमें हस्तक्षेप किया, वह सर्वविदित है।’’

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि वास्तविक ‘‘आपातकाल’’ कांग्रेस पार्टी के भीतर है।

उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र के ऊपर वंशवाद को रखने वाले राहुल आज भी हर जगह आपातकाल देखते हैं। एक तरह का आपातकाल जरूर है, लेकिन वह कांग्रेस के भीतर है। कांग्रेस के अंदर संस्थागत पतन और विद्रोह चल रहा है। यदि कोई व्यवस्था टूट रही है, तो वह कांग्रेस पार्टी की व्यवस्था है।’’

भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी पर भारत की संस्थाओं के खिलाफ बार-बार टिप्पणी करने और विदेशों में देश की छवि को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन आप विपक्ष के नेता (एलओपी) नहीं, बल्कि ‘लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा’ हैं। झूठ फैलाना, डर पैदा करना और उससे फायदा उठाना- यही आपका मॉडल है।’’

पूनावाला ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पहले भी अर्थव्यवस्था, कोविड टीकों और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भ्रामक बयान देते रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘आप बार-बार कहते रहे हैं कि अर्थव्यवस्था ढह चुकी है, जबकि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। आपने भारत में बने कोविड टीकों के खिलाफ दुष्प्रचार किया ताकि विदेशी टीके बिक सकें।’’

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘आप ऑपरेशन सिंदूर और गलवान में भारत की कार्रवाई के खिलाफ बोलकर भारतीय सशस्त्र बलों का मनोबल कमजोर करते हैं। यहां तक कि उच्चतम न्यायालय भी आपको फटकार लगा चुका है।’’

पूनावाला ने कांग्रेस नेता से ‘‘डर पैदा कर फायदा उठाने’’ की राजनीति बंद करने को कहा।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत को बदनाम करने का यह एजेंडा बंद कीजिए। ‘डर पैदा कर फायदा उठाने’ की राजनीति बंद कीजिए। और याद रखिए कि ‘एलओपी’ का अर्थ ‘लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा’ नहीं होता।’’

भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि विभिन्न संस्थानों और अधिकारियों से जानकारी तक ‘‘पहुंच’’ होने के बावजूद, उनकी पार्टी चुनाव हारती रही और राजनीतिक रूप से सिकुड़ती रही।

मालवीय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हर कुछ महीनों में, वह (राहुल) एक नया षड्यंत्र सामने लाते हैं। सबसे पहले कहा गया कि लोकतंत्र का अंत हो गया, फिर संस्थाओं पर नियंत्रण की बात कही गई, फिर चुनाव में धांधली…। अब हमें बताया जा रहा है कि आपातकाल आने वाला है और आर्थिक सुनामी आने ही वाली है। देश ने ये भविष्यवाणियां पहले भी सुनी हैं। समस्या ये है कि इनमें से कोई भी कभी सच नहीं होती।’’

गांधी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

भंडारी ने ‘पीटीआई वीडियो’ सेवा से बातचीत में आरोप लगाया, ‘‘राहुल गांधी अराजकतावादी हैं। जॉर्ज सोरोस और राहुल गांधी देश में अव्यवस्था फैलाना चाहते हैं। राहुल गांधी भारत में लोकतांत्रिक संकट पैदा करना चाहते हैं। मैंने राहुल गांधी जितना भारत से नफरत करने वाला कोई नेता नहीं देखा।’’

राहुल ने बुधवार को यहां इंदिरा भवन में आदिवासी कांग्रेस द्वारा आयोजित कार्यक्रम में देशभर के आदिवासी नेताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि ‘‘बहुत बड़ी आर्थिक सुनामी आने वाली है’’ और जनता के दबाव के कारण ‘सिस्टम’ के भीतर ही विद्रोह की स्थिति पैदा हो रही है।

भाषा शफीक मनीषा

मनीषा