कांग्रेसजनों की भावनाओं को समझते हुए अध्यक्ष पद स्वीकार करें राहुल : गहलोत

कांग्रेसजनों की भावनाओं को समझते हुए अध्यक्ष पद स्वीकार करें राहुल : गहलोत

कांग्रेसजनों की भावनाओं को समझते हुए अध्यक्ष पद स्वीकार करें राहुल : गहलोत
Modified Date: November 29, 2022 / 08:01 pm IST
Published Date: August 22, 2022 5:37 pm IST

जयपुर, 22 अगस्‍त (भाषा) कांग्रेस पार्टी के नए अध्यक्ष को लेकर जारी सरगर्मियों के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा कि पार्टी में एकतरफा राय राहुल गांधी के अध्‍यक्ष बनने के समर्थन में है और देश भर में कांग्रेसजनों की भावनाओं को समझते हुए राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष पद स्वीकार कर लेना चाहिए।

इसके साथ ही गहलोत से कहा कि अगर राहुल पार्टी के अध्यक्ष नहीं बनते हैं तो इससे कांग्रेसजन निराश होंगे।

पार्टी के नए अध्यक्ष को लेकर जारी अटकलों के बारे में पूछे जाने पर गहलोत ने यहां संवाददाताओं से कहा कि राहुल गांधी को अध्यक्ष बनना चाहिए।

उन्होंने कहा ,’ राहुल गांधी अध्यक्ष नहीं बनते हैं तो इससे देश में कांग्रेस में निराशा आएगी। कई लोग घर बैठ जाएंगे और हम लोगों को तकलीफ होगी। उनको (राहुल गांधी) पूरे देश के, आम कांग्रेसजनों की भावना समझते हुए यह पद स्वीकार करना चाहिए।’

गहलोत ने कहा कि पार्टी के भीतर भी एक राय राहुल गांधी को नया अध्यक्ष बनाने के पक्ष में है।

उन्होंने कहा, ‘एकतरफा राय उनके अध्यक्ष बनने के समर्थन में है तो मैं समझता हूं कि उन्‍हें इसे स्वीकार करना चाहिए।’ उन्होंने कहा,’ यह गांधी या गैर गांधी परिवार की बात नहीं है। यह तो संगठन का काम है कोई प्रधानमंत्री तो बन नहीं रहा।’

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आगे कहा,’ बीते 32 साल में इस परिवार का कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री या मुख्यमंत्री नहीं बना तो फिर (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी जी इस परिवार से डरते क्यों हैं, (दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद) केजरीवाल को कहना पड़ता है कि 75 साल में कुछ नहीं हुआ देश में। तो सब लोग कांग्रेस पर ही हमला क्यों करते हैं। क्योंकि कांग्रेस पार्टी और देश का डीएनए एक है आजादी के पहले और आजादी के बाद में। कांग्रेस सभी धर्मों और वर्गों को साथ लेकर चलती है।’

गहलोत ने कहा कि कांग्रेस ने बीते 75 साल में देश में लोकतंत्र को जिंदा रखा है जिसकी बदौलत ही आज मोदी देश के प्रधानमंत्री व केजरीवाल दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री हैं।

उन्होंने कहा,’ कांग्रेस कहीं जाने वाली नहीं है। इस प्रकार की बातें कर उन्होंने कहा कि लोगों को गुमराह किया है। 75 साल में देश में कुछ नहीं हुआ, 75 साल में कांग्रेस ने देश में लोकतंत्र को जिंदा रखा इसलिए इस देश में आज प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री का नाम अरविंद केजरीवाल है। अगर लोकतंत्र नहीं होता तो ये प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री कैसे बनते। यह देश को कांग्रेस की देन है।’

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राज्‍य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी एक बार फिर जीतेगी।

उन्होंने कहा, ‘2023 में होने वाला अगला चुनाव जीतेंगे फिर 2024 के चुनाव में, इस बार मोदी के लिए आसान खेल नहीं है। लगता अभी उनको है, लेकिन मेरा मानना है कि जिस प्रकार से उनकी खुद की घेराबंदी हो रही है और जिस प्रकार बिहार में नीतीश कुमार ने उनको झटका दिया है उसके बाद महंगाई व बेरोजगारी का मुद्दे को लेकर कांग्रेस द्वारा राहुल गांधी के नेतृत्व में किए गए आंदोलन से मोदी सरकार हिल चुकी है और 2024 में कुछ भी परिणाम हो सकते हैं।’

गहलोत ने कहा कि महंगाई व बेरोजगारी बड़ा मुद्दा है, और पार्टी इसको लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाए रखेगी।

वहीं राजस्‍थान कांग्रेस कार्यकारिणी की विस्तारित बैठक सोमवार को यहां हुई। इसमें देश में बढ़ती महंगाई एवं बेरोजगारी के विरूद्ध अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा चार सितंबर सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘हल्ला बोल महारैली’ की तैयारियों पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुये प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा,’ बैठक में रैली को सफल बनाने पर चर्चा हुई। इसको लेकर 25 अगस्त को जिला स्तर पर व 27 अगस्त को विधानसभावार बैठक करेंगे। रैली में राज्‍य में 50 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को ले जाने का लक्ष्य है।’

भाषा पृथ्‍वी कुंज रंजन

रंजन


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