कोलकाता, तीन सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा संस्थागत भ्रष्टाचार की जांच के लिए गठित एक जांच आयोग के तीन सदस्यों ने बृहस्पतिवार को दो रसायन निर्माण इकाइयों के कार्यालय और कारखाने की तलाशी ली। इन कंपनियों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी नेता और कोलकाता के पूर्व महापौर फिरहाद हकीम का सह-स्वामित्व बताया जाता है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
यह कार्रवाई ‘हकीम पॉलीमेकर्स प्राइवेट लिमिटेड’ और ‘हकीम केमिकल्स’ नामक दो कंपनियों के व्यावसायिक नियमों एवं औचित्य की जांच के उद्देश्य से की गई। आयोग की टीम दोपहर लगभग 12:30 बजे दक्षिण कोलकाता के न्यू अलीपुर इलाके में स्थित कारखाने के परिसर पहुंची और लगभग डेढ़ घंटे तक जांच-पड़ताल की।
जांच दल के एक सदस्य ने पत्रकारों को बताया कि जिस जमीन पर कारखाने का ढांचा बना है, उससे जुड़ी एक शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, उन्होंने इस संबंध में और अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया।
अधिकारी ने कहा, ‘हम जो जरूरी जानकारी हासिल करने आए थे, वह हमें मिल गई है।’
‘हकीम पॉलीमेकर्स’ की वेबसाइट पर कंपनी को ‘‘उच्च गुणवत्ता वाले प्लास्टिक उत्पादों, जैसे एचडीपीई पॉलीइथिलीन फिल्म, एलडी एलएलडीपीई पॉलीइथिलीन और बहुत कुछ का निर्माता और व्यापारी’’ बताया गया है तथा फिरहाद हकीम को इसका संस्थापक बताया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, यह कंपनी 23 अप्रैल 2025 को पंजीकृत हुई थी और फिरहाद हकीम के साथ समीर घोष इसके निदेशक हैं।
प्लास्टिक और पॉलिथीन प्रसंस्करण/विनिर्माण कार्यों के लिए राज्य प्रदूषण और औद्योगिक निगरानी रिकॉर्ड में दर्ज होने के बावजूद, ‘हाकिम केमिकल्स’ का उल्लेख इस नेता (फिरहाद हाकिम) द्वारा अपने चुनावी हलफनामे (एफिडेविट) में एक गोदाम के रूप में किया गया था, जिसका मालिकाना हक और प्रबंधन उनके पारिवारिक स्वामित्व के तहत है।
भाजपा के चुनावी वादों के तहत गठित इस जांच आयोग के अध्यक्ष कोलकाता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विश्वजीत बासु हैं, जबकि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) के. जयरामन इसके सदस्य सचिव हैं।
ममता बनर्जी की सरकार में पूर्व मंत्री और कभी तृणमूल कांग्रेस प्रमुख के करीबी रहे हकीम ने इस घटनाक्रम पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
भाषा सुमित मनीषा
मनीषा