पॉइंट्समैन की मौत के बाद रेल कर्मचारियों का विरोध, 12 घंटे का ड्यूटी रोस्टर हटाने की मांग

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पॉइंट्समैन की मौत के बाद रेल कर्मचारियों का विरोध, 12 घंटे का ड्यूटी रोस्टर हटाने की मांग

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  • Publish Date - July 6, 2026 / 04:16 PM IST,
    Updated On - July 6, 2026 / 04:16 PM IST

नयी दिल्ली, छह जुलाई (भाषा) ‘ऑल इंडिया पॉइंट्समैन एसोसिएशन’ (एआईपीएमए) ने एक जुलाई को नागपुर के गुडमा स्टेशन पर ट्रेन संचालन में मदद करते समय अपने एक सदस्य की मौत के बाद 12 घंटे की ड्यूटी रोस्टर को खत्म करने की मांग की है।

अधिकारियों ने बताया, “एक जुलाई को गुडमा स्टेशन पर रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक ड्यूटी पर तैनात पॉइंट्समैन अभिलाष यादव को टाटा नगर एक्सप्रेस ने टक्कर मार दी।”

उन्होंने कहा, “इस स्टेशन पर एक ट्रेन का सफर खत्म होने के बाद उन्होंने (यादव ने) उसे बगल वाली पटरी पर ले जाकर स्थिर करवाया। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसी पटरी पर टाटा नगर एक्सप्रेस आ रही थी।”

भारतीय रेलवे में पॉइंट्समैन को कांटेवाला भी कहा जाता है, जिनकी जिम्मेदारियों में पटरी के समपार बिंदुओं पर समस्याओं को देखना, यात्रा के बाद ट्रेनों को यार्ड में सुरक्षित करना, लोको पायलट और गार्ड को लिखित सूचनाएं पहुंचाना और अन्य काम शामिल हैं।

कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया कि यादव की मौत की वजह उनपर काम का ज्यादा बोझ था। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ़ ट्रेनों का सुरक्षित संचालन सीधे तौर पर खतरे में पड़ रहा है, बल्कि परिचालन से जुड़े हजारों अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों की जान भी जोखिम में पड़ रही है।

ऑल इंडिया पॉइंट्समैन एसोसिएशन के केंद्रीय सांगठनिक सचिव साई प्रसाद ने कहा, ‘‘एक जुलाई को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल के अंतर्गत गुडमा स्टेशन पर गंभीर मानसिक और शारीरिक थकान के विनाशकारी परिणाम दर्दनाक ढंग से सामने आए।’’

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को चार जुलाई को लिखे एक पत्र में उन्होंने कहा, “इस युवक की जान इसलिए चली गई, क्योंकि क्षेत्र में तैनात कर्मियों को खतरनाक और असुरक्षित हालात में उनकी शारीरिक क्षमता से ज़्यादा काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।”

एआईपीएमए ने सभी रेलवे जोन में 12 घंटे वाले ‘एसेंशियली इंटरमिटेंट’ रोस्टर को तुरंत हटाकर उसकी जगह आठ घंटे की पाली वाली प्रणाली लागू करने की मांग की है।

संगठन ने मृतक के परिजनों के लिए मुआवजे की भी मांग की है।

भाषा प्रशांत सुरेश

सुरेश