ग़रीब कल्याण रोज़गार अभियान के तहत रेलवे ने 14.14 लाख मानवदिवस रोजगार सृजित किए: गोयल

ग़रीब कल्याण रोज़गार अभियान के तहत रेलवे ने 14.14 लाख मानवदिवस रोजगार सृजित किए: गोयल

ग़रीब कल्याण रोज़गार अभियान के तहत रेलवे ने 14.14 लाख मानवदिवस रोजगार सृजित किए: गोयल
Modified Date: November 29, 2022 / 07:55 pm IST
Published Date: March 19, 2021 12:22 pm IST

नयी दिल्ली, 19 मार्च (भाषा) रेलवे ने लॉकडाउन की बाद की अवधि के दौरान आर्थिक गतिविधियों को फिर तेजी से शुरू करने के लिए छह राज्यों के चिन्हित जिलों में केंद्र के गरीब कल्याण रोज़गार अभियान (जीकेआरए) के तहत 14.14 लाख मानव दिवस रोज़गार सृजित किए। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को राज्यसभा को यह जानकारी दी।

जीवनयापन के लिए रेलवे पर निर्भर करने वाले लोगों को लॉकडाउन के बाद हुई रोजगार की हानि अथवा काम छूटने के बारे में पूछे गये एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, गोयल ने उच्च सदन को बताया कि मंत्रालय ने ऐसा कोई अध्ययन नहीं किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, लॉकडाउन की समाप्ति के बाद आर्थिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने के लिए ठेकेदारों द्वारा रखे जाने वाले श्रमिकों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए, रेलवे ने कई उपाय किए। सरकार के द्वारा 20 जून 2020 को 125 दिनों के लिए घोषित जीकेआरए के तहत 140 परियोजनाओं में 14,14,604 मानवदिवस का रोजगार सृजित किया गया।’’

उन्होंने कहा कि बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड और ओडिशा के चिन्हित जिलों में जीकेआरए के तहत रोजगार सृजित किया गया था।

कोविड ​​-19 के कारण रेलवे कर्मचारियों की मृत्यु के बारे में लिखित रूप से पूछे गये एक अन्य प्रश्न के जवाब में, गोयल ने कहा कि ऐसे कर्मचारी जिनकी काम के दौरान मृत्यु हुई उनके परिवार में एक पात्र व्यक्ति को अनुकंपा नियुक्ति देने का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सातवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद मुआवजा राशि बढ़ा दी गई है।

भाषा राजेश राजेश मनीषा माधव

माधव


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