राजस्थान निकाय चुनाव: राज्य निर्वाचन आयुक्त ने पर्यवेक्षकों को सतर्कता बरतने के दिए निर्देश
राजस्थान निकाय चुनाव: राज्य निर्वाचन आयुक्त ने पर्यवेक्षकों को सतर्कता बरतने के दिए निर्देश
जयपुर, तीन सितंबर (भाषा) राजस्थान राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बृहस्पतिवार को चुनाव पर्यवेक्षकों को राज्य में 309 नगरीय निकायों के चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। सिंह ने यहां शासन सचिवालय में चुनाव पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण के लिए आयोजित बैठक में ये निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षक दो चरणों में अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे।
पहला चरण सात से 14 सितंबर तक चलेगा और पार्षद पदों के लिए मतगणना पूरी होने तक जारी रहेगा।
दूसरा चरण 21 व 22 सितंबर को नगरीय निकायों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव के लिए होगा।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने पर्यवेक्षकों से कहा कि वे आवंटित जिलों में जिला कलक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक कर चुनाव तैयारियों की समीक्षा करें तथा आवश्यक आंकड़े एवं अन्य सूचनाएं प्राप्त करें।
एक विज्ञप्ति के अनुसार, पर्यवेक्षकों को नगरीय निकायों का दौरा कर जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचन अधिकारियों के समन्वय से चुनाव संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सिंह ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों को पर्यवेक्षक तत्काल जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचन अधिकारी के संज्ञान में लाएं, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर पर्याप्त कार्रवाई नहीं होती है तो मामले की जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग के संज्ञान में लाई जानी चाहिए।’’
सिंह ने कहा कि मामले की गंभीरता के आधार पर आयोग आवश्यक कार्रवाई करेगा।
राज्य के 309 नगरीय निकायों के लिए मतदान दो चरणों में नौ और 11 सितंबर को होगा।
इन चुनावों में 10 नगर निगमों, 51 नगर परिषदों और 248 नगर पालिकाओं में पार्षदों के 10,245 पदों के लिए चुनाव कराया जाएगा।
पार्षद पदों के लिए मतगणना 14 सितंबर को होगी।
नगरीय निकायों के अध्यक्षों का चुनाव 21 सितंबर को होगा जबकि उप महापौर, उपाध्यक्ष और नगरपालिका उपाध्यक्ष के पदों के लिए चुनाव 22 सितंबर को होंगे। भाषा बाकोलिया जितेंद्र
जितेंद्र

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