राजस्थान : मुख्यमंत्री शर्मा ने ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ की शुरुआत की

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राजस्थान : मुख्यमंत्री शर्मा ने ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ की शुरुआत की

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  • Publish Date - May 25, 2026 / 04:42 PM IST,
    Updated On - May 25, 2026 / 04:42 PM IST

जयपुर, 25 मई (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को गंगा दशमी के अवसर पर टोंक जिले में स्थित बीसलपुर बांध से ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ की शुरुआत की।

उन्होंने जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों की जानकारी ली और आमजन से अभियान में सहभागिता निभाते हुए जल संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की।

उल्लेखनीय है कि ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत 25 मई से पांच जून तक राज्यभर में जल संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने बीसलपुर बांध पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत जल पूजन किया और अच्छी बारिश की कामना की। इसके बाद उन्होंने बीसलदेव महादेव मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की।

इस अवसर पर शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले वर्ष भी ‘वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान’ चलाकर बांधों, तालाबों, सरोवरों और अन्य जल स्रोतों के संरक्षण एवं सफाई का कार्य कराया था। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी आज से अभियान की शुरुआत की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जल ही जीवन है और आमजन की सक्रिय भागीदारी से ही जल संरक्षण अभियान सफल हो सकता है।’’

आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बीसलपुर बांध की ‘स्काडा’ प्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि बीसलपुर बांध पूर्वी राजस्थान के जिलों में निर्बाध जलापूर्ति का प्रमुख माध्यम है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बांध क्षेत्र में नई संरचनाओं का निर्माण किया जाए और बनास नदी के पुनर्भरण की दिशा में प्रभावी कार्य किए जाएं, ताकि वर्षाजल संग्रहण और भूजल पुनर्भरण को मजबूती मिल सके।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने ईसरदा बांध का हवाई सर्वेक्षण कर जल संरक्षण, जल प्रबंधन और सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

गौरतलब है कि रामजल सेतु लिंक परियोजना का फीडर चैनल ईसरदा, गलवा और बंध बरेठा जैसे तीन प्रमुख बांधों से होकर गुजरता है।

अधिकारियों के अनुसार, अभियान के तहत गांव-गांव में कुओं, बावड़ियों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों की सफाई, श्रमदान, जल चौपाल, प्रभात फेरी, पौधारोपण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा नए जल संरक्षण कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया जाएगा।

इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

भाषा

पृथ्वी रवि कांत