राजस्थान: मुख्य सचिव को बदनाम करने के लिए लेख पोस्ट करने के आरोप मे पत्रकार पर प्राथमिकी दर्ज

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राजस्थान: मुख्य सचिव को बदनाम करने के लिए लेख पोस्ट करने के आरोप मे पत्रकार पर प्राथमिकी दर्ज

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  • Publish Date - May 10, 2026 / 01:29 PM IST,
    Updated On - May 10, 2026 / 01:29 PM IST

जयपुर, 10 मई (भाषा) राजस्थान के मुख्य सचिव और राज्य प्रशासन को कथित तौर बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर लेख पोस्ट करने के आरोप में जयपुर के एक पत्रकार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

प्राथमिकी के अनुसार यह कार्रवाई स्वतंत्र पत्रकार महेश झालानी द्वारा 26 अप्रैल को फेसबुक पर की गई एक पोस्ट के बाद शुरू की गई। आरोप है कि पोस्ट में राज्य सरकार और वरिष्ठ अधिकारियों की छवि को धुमिल करने वाली आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित की गई थी।

हालांकि, शनिवार देर रात एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में झालानी ने अपनी टिप्पणियों की भाषा पर खेद जताया। उन्होंने मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर माफी भी मांगी।

झालानी ने दावा किया कि मुख्य सचिव ने उनकी माफी को “गरिमा और उदारता” के साथ स्वीकार किया।

अपने मूल पोस्ट में पत्रकार ने प्रशासन की कार्यप्रणाली की तीखी आलोचना करते हुए आरोप लगाया था कि शासन व्यवस्था “पक्षाघातग्रस्त” हो चुकी है। उन्होंने मुख्य सचिव के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उनके पास फील्ड अनुभव की कमी है और प्रशासन प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रहा।

लेख में यह भी आरोप लगाया गया था कि प्रशासनिक फैसले फाइलों तक सीमित हैं और उनका जमीनी स्तर पर असर नहीं दिखता, जबकि शीर्ष नौकरशाही वास्तविक काम के बजाय छवि निर्माण पर अधिक ध्यान दे रही है।

शनिवार देर रात की अपनी दूसरी पोस्ट में झालानी ने कहा कि वह टिप्पणी “गुस्से और उत्तेजना के क्षण” में लिखी गई थी। उन्होंने माना कि उसकी भाषा अनुचित थी और पत्रकारिता के मूल्यों के खिलाफ थी।

पत्रकार ने यह भी कहा कि आलोचना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इससे किसी व्यक्ति की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए। उन्होंने अपनी माफी को “कानूनी प्रक्रिया से परे नैतिक समाधान” बताया।

मुख्य सचिव कार्यालय ने इससे पहले भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

इसके बाद राजस्थान सरकार के गृह विभाग ने जयपुर के अशोक नगर थाने में पत्रकार के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश जारी किए।

अधिकारियों के अनुसार, लेख “भ्रामक और मानहानिपूर्ण” पाया गया तथा सोशल मीडिया मंचों पर ऐसी कोशिशों को रोकने के लिए कानूनी कार्रवाई आवश्यक समझी गई।

निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए जयपुर दक्षिण पुलिस ने आठ मई को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबद्ध धाराओं में मामला दर्ज किया।

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच मोतीलाल शर्मा को सौंपी गई है और जांच जारी है।

भाषा बाकोलिया खारी

खारी