राजस्थान उच्च न्यायालय ने आपातकाल के दौरान न्याय के सिद्धांत की रक्षा की: शर्मा

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राजस्थान उच्च न्यायालय ने आपातकाल के दौरान न्याय के सिद्धांत की रक्षा की: शर्मा

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  • Publish Date - August 26, 2024 / 12:31 AM IST,
    Updated On - August 26, 2024 / 12:31 AM IST

जयपुर, 25 अगस्त (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को कहा कि राजस्थान उच्च न्यायालय का नाम उन नौ उच्च न्यायालयों में गर्व के साथ लिया जाता है जिन्होंने देश में आपातकाल के दौरान भी न्याय के सिद्धांत की रक्षा की।

शर्मा ने कहा कि जब आपातकाल के दौरान नागरिक अधिकारों का हनन हो रहा था, तब इस न्यायालय ने यह सुनिश्चित किया कि व्यक्ति अपनी गिरफ्तारी और हिरासत को चुनौती दे सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय इस बात का प्रमाण है कि न्यायालय ने हमेशा ’कानून के शासन’ का सम्मान किया है और उसकी रक्षा के लिए खड़ा रहा है।

जोधपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय के प्लैटिनम जुबली समारोह को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि राजस्थान में न्यायपालिका, कार्यपालिका तथा विधायिका बेहतर काम कर रही हैं और इसी का परिणाम है कि ढेरों मामले आपसी समझ से सुलझे हैं और लोगों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से निजात मिली है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्षों पुराने कानूनों को खत्म करने, नये कानूनों से प्रक्रिया को आसान बनाने और नियमों के सरलीकरण जैसे काम किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन कर्मयोगी के माध्यम से अधिकारियों को कानून संबंधी विषयों में विशेषज्ञता हासिल करने का मौका मिल रहा है।

उन्होंने कहा राजस्थान में मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत ‘आईगोट’ डिजिटल मंच पर 5 लाख 30 हजार से अधिक कार्मिक पंजीकृत हैं और 2 लाख 35 हजार से अधिक कार्मिकों द्वारा पाठ्यक्रम पूरा कर लिया गया है।

भाषा कुंज नोमान

नोमान