Rajasthan Prisoners Marriage News : सजा काटते-काटते हुआ प्यार! अब जेल में ही सात फेरे लेंगे हत्या के आरोपी, पंडित समेत 21-21 परिजन होंगे शामिल

राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के मामलों में सजा काट रहे एक पुरुष और एक महिला बंदी को विवाह करने की अनुमति दे दी है। अदालत ने कहा कि दो बालिग व्यक्तियों का अपनी इच्छा से विवाह करना संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत उनके जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।

Rajasthan Prisoners Marriage News : सजा काटते-काटते हुआ प्यार! अब जेल में ही सात फेरे लेंगे हत्या के आरोपी, पंडित समेत 21-21 परिजन होंगे शामिल

Rajasthan Prisoners Marriage News / Image Source : ai

Modified Date: July 18, 2026 / 09:44 pm IST
Published Date: July 18, 2026 9:38 pm IST
HIGHLIGHTS
  • हत्या के दोषी महिला-पुरुष कैदी अब बन सकेंगे पति-पत्नी।
  • कोर्ट ने अनुच्छेद-21 का हवाला देते हुए विवाह की अनुमति दी।
  • जेल प्रशासन को सुरक्षा और नियमों के साथ विवाह कराने के निर्देश।

जोधपुर : Rajasthan Prisoners Marriage News : राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम और मानवीय फैसला सुनाते हुए हत्या के मामले में सजायाफ्ता दो बंदियों को विवाह करने की अनुमति दे दी है। जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने कहा कि दो बालिग व्यक्तियों का अपनी स्वतंत्र इच्छा से विवाह करना भारतीय संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है। अदालत के इस आदेश के बाद जोधपुर के मंडोर स्थित ओपन एयर कैंप में रहने वाले बंदी मुलाराम और पैरोल पर बाहर आई सजायाफ्ता महिला सीमा अब विवाह बंधन में बंध सकेंगे।

पति की हत्या के मामले में सजा काट रही महिला

याचिकाकर्ता मुलाराम नागौर जिले के एडसिंगा गांव का निवासी है, जिसे वर्ष 2023 में पड़ोसी की हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी ठहराया गया था।Wedding In Prison Premisesअच्छे आचरण के कारण उसे मंडोर ओपन एयर कैंप में रखा गया है। वहीं, सीमा अपने पति की हत्या के मामले में सजा काट रही है और वर्तमान में पैरोल पर बाहर है।

इच्छा से विवाह करना चाहते हैं दोनों

दोनों ने अदालत को बताया कि वे अपनी इच्छा से विवाह करना चाहते हैं, जो उनके सामाजिक पुनर्वास के लिए महत्वपूर्ण होगा। राज्य सरकार ने भी इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई है। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि विवाह समारोह में पंडित सहित दोनों पक्षों के अधिकतम 21-21 परिजनों को शामिल होने की अनुमति होगी और विवाह का पूरा खर्च दोनों पक्ष स्वयं वहन करेंगे।

अनुशासन के नियमों का पालन करना अनिवार्य

जोधपुर राजस्थान हाईकोर्ट ने जेल प्रशासन को निर्धारित नियमों और सुरक्षा व्यवस्था के साथ इस विवाह समारोह को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को विवाह की तिथि पहले से बतानी होगी और सुरक्षा व अनुशासन के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and news producer at IBC24. A Gold Medalist in Journalism and Mass Communication, I specialize in news production, content writing, and digital storytelling. With a keen interest in political and crime reporting, I believe in delivering accurate, ethical, and impactful journalism that informs and connects with people.