तिरुवनंतपुरम, 21 जून (भाषा) कासरगोड से कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन ने रविवार को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से आग्रह किया कि केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) अध्यक्ष पद के लिए उनके नाम पर विचार किया जाए और कहा कि इस नियुक्ति के लिए योग्यता, अनुभव और संगठनात्मक कार्य को आधार बनाया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेतृत्व को लिखे एक पत्र में उन्नीथन ने कहा कि केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) अध्यक्ष का चयन जाति और समुदाय के समीकरणों के आधार पर करने की मौजूदा परंपरा को समाप्त किया जाना चाहिए और नेताओं का मूल्यांकन उनकी योग्यता, पात्रता तथा पार्टी के प्रति सेवा के आधार पर किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल को पत्र भेजा है।
पत्र में उन्होंने 1978 से अब तक के अपने राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव को ध्यान में रखते हुए उनकी उम्मीदवारी पर विचार करने का अनुरोध किया।
उन्नीथन ने कहा कि केरल में कांग्रेस के व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन की आवश्यकता है और केवल नए केपीसीसी अध्यक्ष की नियुक्ति से पार्टी की संरचनात्मक कमजोरियों का समाधान नहीं होगा।
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, “केरल में पार्टी के शीर्ष से लेकर निचले स्तर तक पुनर्गठन की आवश्यकता है। बहुत संगठनात्मक कमजोरियां है। केवल केपीसीसी अध्यक्ष के चयन से समस्याओं का समाधान नहीं होगा।’’
राज्य में पार्टी के वरिष्ठतम नेताओं में से एक होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस में लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें अब तक कोई बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, उन्नीथन उन सांसदों में शामिल हैं जिन्होंने इस पद के लिए दिलचस्पी दिखाई है। बताया जा रहा है कि कोडिकुन्निल सुरेश, बेनी बेहनान, एंटो एंटनी और शफी परम्बिल भी इस पद की दौड़ में शामिल हैं।
यह घटनाक्रम पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष के चयन को लेकर जारी चर्चाओं के बीच सामने आया है।
इस बीच, मौजूदा केपीसीसी अध्यक्ष और बिजली मंत्री सनी जोसफ ने रविवार को कहा कि जब भी पार्टी नेतृत्व उनके उत्तराधिकारी का चयन कर लेगा, वह पद छोड़ देंगे।
भाषा शोभना प्रशांत
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