एक बार के स्थगन के बाद राज्यसभा की बैठक दोपहर दो बजे तक स्थगित
एक बार के स्थगन के बाद राज्यसभा की बैठक दोपहर दो बजे तक स्थगित
नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में पिछले महीने नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सोमवार को राज्यसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
विपक्षी सदस्य राष्ट्रीय राजधानी में पिछले महीने नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी और जवाब की मांग कर रहे थे।
विपक्षी सांसदों ने अयोध्या में राम मंदिर को मिले चंदे में कथित चोरी के आरोपों को लेकर भी नारेबाजी की।
एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे प्रश्नकाल के लिए सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो आसन की अनुमति से केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ऊर्जा संबंधी विभिन्न सवालों का जवाब देने के लिए खड़े हुए। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के सदस्य लगातार नारेबाजी करते रहे, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
हंगामे के बीच सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।
इससे पहले पूर्वाह्न 11 बजे सदन की बैठक शुरू होने और सरकारी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के बाद, विपक्षी सदस्यों ने राष्ट्रीय राजधानी में पिछले महीने नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी और जवाब की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी थी।
सभापति ने सदस्यों से शून्यकाल में सूचीबद्ध विषयों को उठाने की अपील की, जिसमें सांसद जनहित से जुड़े मुद्दे उठाते हैं। हंगामे के बीच ही भाजपा के राहुल सिन्हा, तरुण चुघ, डॉ के लक्ष्मण और बाबूभाई जेसंगभाई देसाई ने आसन की अनुमति से लोक महत्व से जुड़े विभिन्न मुद्दे शून्यकाल के तहत उठाए।
इस दौरान विपक्षी सांसद आगे की पंक्ति के पास एकत्र हो गए और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने का मौका दिए जाने की मांग करते हुए नारे लगाए।
राधाकृष्णन ने प्रदर्शन कर रहे सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने को कहा, ताकि उनकी मांग पर विचार किया जा सके। अपनी बात का असर होता न देख सभापति ने करीब 11.20 बजे बैठक दोपहर बारह बजे तक स्थगित कर दी।
संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ है और अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई सहित विभिन्न मुद्दों पर गतिरोध बने होने के कारण उच्च सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही है।
विपक्षी दल राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री से तथा 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री से सदन में बयान देने की मांग कर रहे हैं।
भाषा मनीषा माधव
माधव

Facebook


