नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) राज्यसभा में बृहस्पतिवार को पीठासीन उपाध्यक्षों के पैनल का पुनर्गठन किया तथा इसमें भाजपा, कांग्रेस, अन्नाद्रमुक और बीजद से छह सदस्यों को नामित किया।
यह पैनल 15 अप्रैल से प्रभावी माना जाएगा।
पैनल में भाजपा के दिनेश शर्मा, एस फांगनोन कोन्याक और घनश्याम तिवाड़ी, कांग्रेस की फूलो देवी नेताम, अन्नाद्रमुक के एम. थंबीदुरई तथा बीजद के सस्मित पात्रा शामिल हैं।
सदन की बैठक में राज्यसभा के महासचिव पी सी मोदी ने इस संबंध में घोषणा की।
पैनल के सदस्यों को उस समय सदन का संचालन करने के लिए बुलाया जाता है जब सभापति और उपसभापति दोनों अनुपस्थित होते हैं। अध्यक्षता करते समय पैनल सदस्य कार्यवाही का संचालन करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हीं अधिकारों का प्रयोग करते हैं जिनका प्रयोग सभापति करते हैं।
उपसभापति का पद एक स्थायी संवैधानिक पद होता है। इसके विपरीत पीठासीन उपाध्यक्ष पैनल के सदस्य स्थायी पद पर नहीं होते और वे आवश्यकता के अनुसार बारी-बारी से सदन की अध्यक्षता करते हैं।
भाषा मनीषा माधव
माधव