अयोध्या (उप्र), दो जुलाई (भाषा) फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन मामले में बृहस्पतिवार को विरोध मार्च निकाला और राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने बताया कि इस मामले में पहली प्राथमिकी दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता एवं ट्रस्ट के एक अन्य सदस्य कृष्ण मोहन का नाम भी वकीलों द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत में आरोपी के तौर पर शामिल किया गया है।
वकीलों ने अदालत परिसर से श्रीराम जन्मभूमि थाने तक मार्च निकाला और शिकायत सौंपकर मांग की कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाए तथा आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
इस दौरान वकीलों ने राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। मार्च के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ वकीलों ने आरोप लगाया कि धक्का-मुक्की में उन्हें मामूली चोटें भी आई हैं।
थाने पहुंचने पर कई वकील थाना प्रभारी के कार्यालय में इकट्ठा हो गए और तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करने लगे। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि शिकायत की जांच कर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
कालिका प्रसाद मिश्रा ने संवाददाताओं से कहा कि बार एसोसिएशन ने कई नामजद व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘एक लिखित शिकायत सौंप दी गई है। पांच लोग शिकायत की पावती लेने गए हैं। यदि हमें उसकी प्रति नहीं दी जाती है तो हमारा विरोध जारी रहेगा। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। शिकायत में चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव और कृष्ण मोहन (पहले दर्ज शिकायत में शिकायतकर्ता) के नाम शामिल हैं। अब हम देखेंगे कि श्रीराम जन्मभूमि थाना पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है।’’
उन्होंने कहा कि यदि पुलिस आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करती है तो बार एसोसिएशन आंदोलन शुरू करेगा।
इस शिकायत पर पुलिस अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
यह विवाद तब शुरू हुआ था जब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे में गबन का आरोप लगाया था। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी जिसके बाद 25 जून को एक प्राथमिकी दर्ज की गई और आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।
जांचकर्ताओं ने चंपत राय का बयान भी दर्ज किया है, जिन्होंने हाल में ‘‘नैतिक जिम्मेदारी’’ लेते हुए ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफे की पेशकश की थी।
भाषा किशोर जफर नरेश खारी
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