ईटानगर, 14 मई (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम सियांग जिले में स्थित योर्डी राबे सुप्से (वाईआरएस) वन्यजीव अभयारण्य में पहली बार कस्तूरी मृग की झलक कैमरे में रिकार्ड हो गई। यह पूर्वी हिमालयी क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता के दस्तावेजीकरण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
जिला वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस दुर्लभ जानवर की तस्वीर हाल ही में अभयारण्य के घने जंगलों में लगाए गए ‘कैमरा ट्रैप’ के माध्यम से ली गई। यह अभयारण्य जिले का एक संरक्षित क्षेत्र है जो अपने ऊबड़-खाबड़ पर्वतीय परिदृश्य और घनी वनस्पति के लिए जाना जाता है।
वन्यजीव विशेषज्ञ इस अवलोकन को महत्वपूर्ण मानते हैं क्योंकि कस्तूरी मृग बेहद शर्मीले, रात में भ्रमण करने वाले और जंगल में आसानी से न दिखने वाले जीव होते हैं। इनकी उपस्थिति को प्राय: एक स्वस्थ एवं अपेक्षाकृत ऊंचाई वाले शांत पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र का सूचक माना जाता है।
अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चौना मीन ने सोशल मीडिया पोस्ट में खुशी व्यक्त करते हुए कस्तूरी मृग की उपस्थिति को राज्य के लिए ‘‘वन्यजीव संरक्षण में एक महत्वपूर्ण सफलता’’ बताया।
भाषा नेत्रपाल पवनेश
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