गृह मंत्री की मौजूदगी की मांग पर विपक्ष के हंगामे के बीच रास दो बजे तक स्थगित

गृह मंत्री की मौजूदगी की मांग पर विपक्ष के हंगामे के बीच रास दो बजे तक स्थगित

गृह मंत्री की मौजूदगी की मांग पर विपक्ष के हंगामे के बीच रास दो बजे तक स्थगित
Modified Date: August 5, 2026 / 01:48 pm IST
Published Date: August 5, 2026 1:48 pm IST

नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी की मांग को लेकर विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यसभा की कार्यवाही बुधवार को एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

पूर्वाह्न 11 बजे उच्च सदन की बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। कार्यवाही जब दोपहर 12 बजे दोबारा शुरू हुई तो सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने सदस्यों से सदन के बीचोंबीच नहीं आने और तख्तियां नहीं दिखाने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर उन्हें कार्रवाई करने के लिए विवश होना पड़ेगा।

सभापति ने प्रश्नकाल शुरू कराया, लेकिन विपक्षी सदस्य अपनी मांग के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। हंगामे के बीच भी सभापति ने कार्यवाही जारी रखने का प्रयास किया।

करीब 15 मिनट तक लगातार जारी रहे विरोध प्रदर्शन के बाद सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले, पूर्वाह्न 11 बजे सदन की बैठक शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों ने अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मामले में गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी की मांग की।

हंगामे के बीच सभापति ने कार्यवाही जारी रखते हुए सदस्यों से लोक महत्व से जुड़े अपने-अपने मुद्दे उठाने के लिए कहा। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य सतपाल शर्मा को बोलने के लिए आमंत्रित किया। शर्मा ने अपनी बात रखी। इस बीच विपक्षी सदस्यों का हंगामा तेज हो गया।

शर्मा के अलावा कुछ और सदस्यों को सभापति ने अपने- अपने मुद्दे उठाने के लिए अनुमति दी। इस दौरान वह विपक्षी सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने की अपील करते रहे। उन्होंने नियम 235 का उल्लेख करते हुए चेतावनी दी कि यदि व्यवधान जारी रहा तो कार्रवाई की जाएगी।

शून्यकाल में भाजपा के सतपाल शर्मा, संजय भाटिया, संगीता बलवंत, कविता पाटीदार, मेधा विश्राम कुलकर्णी और अन्नाद्रमुक के डॉ एम थंबीदुरै ने भी आसन की अनुमति से लोक महत्व से जुड़े मुद्दे उठाए।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सदस्य वी. शिवदासन ने कर्मचारियों को मनमाने ढंग से सेवा से हटाए जाने से संरक्षण देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ‘गिग’ श्रमिकों का भी उल्लेख किया और कहा कि कुछ शिक्षण संस्थानों ने छात्र आंदोलनों में भाग लेने वाले छात्रों और शिक्षकों को नोटिस जारी किए हैं।

हालांकि, सभापति ने कहा कि वह निर्धारित विषय से हटकर बोल रहे हैं और इसके बाद अगले वक्ता को आमंत्रित किया।

भाजपा की कविता पाटीदार ने आयुष्मान भारत योजना पर अपने विचार रखे, जबकि पार्टी की ही मेधा विश्राम कुलकर्णी ने एक ही दवा की अलग-अलग कीमतों का मुद्दा उठाते हुए मुनाफाखोरी रोकने के लिए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।

विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


लेखक के बारे में