रुपये में उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए आरबीआई ने जनवरी-मई के दौरान 14.9 अरब अमेरिकी डॉलर की बिक्री की

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रुपये में उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए आरबीआई ने जनवरी-मई के दौरान 14.9 अरब अमेरिकी डॉलर की बिक्री की

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  • Publish Date - August 3, 2026 / 07:46 PM IST,
    Updated On - August 3, 2026 / 07:46 PM IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) सरकार ने सोमवार को संसद को बताया कि जनवरी-मई 2026 के दौरान रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के विदेशी मुद्रा विनिमय हस्तक्षेप से 14.9 अरब अमेरिकी डॉलर की शुद्ध बिक्री की गई।

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि भारतीय रुपये की कीमत बाजार तय करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय रिज़र्व बैंक नियमित रूप से विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार पर नजर रखता है और बहुत अधिक उतार-चढ़ाव की स्थिति में दखल देता है। आरबीआई से मिले ताजा आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-मई 2026 के दौरान आरबीआई के विदेशी मुद्रा विनिमय हस्तक्षेप से 14.9 अरब अमेरिकी डॉलर की शुद्ध बिक्री हुई।’’

एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में चौधरी ने कहा कि बट्टे खाते के कर्ज में भरपाई एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है, और बैंक अपनी अलग-अलग भरपाई प्रणाली के तहत कर्ज लेने वालों के खिलाफ शुरू की गई रकम वापस हासिल करने की अपनी कार्रवाई जारी रखते हैं।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 30 जून 2026 तक 25 लाख रुपये और उससे अधिक राशि का जानबूझकर भुगतान नहीं करने वालों पर 2,85,015 करोड़ रुपये बकाया है।

चौधरी ने एक और जवाब में कहा कि पिछले पांच सालों में ‘गोल्ड लोन’ में चूककर्ताओं की संख्या में कमी आई है।

मंत्री ने एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि जब से भारतीय रिजर्व बैंक ने नये एफसीएनआर (विदेशी मुद्रा अनिवासी) जमा के लिए अमेरिकी डॉलर-रुपया अदला-बदली सुविधा की घोषणा की है, तब से विदेशी और सहकारी बैंकों सहित सभी बैंकों ने प्रवासी भारतीयों से 27.99 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि आरबीआई के अनुसार, जून 2026 तक शहरी सहकारी बैंकों समेत सभी बैंकों में कुल 3.53 लाख घरेलू भुगतान धोखाधड़ी की रिपोर्ट मिली है। इसके तहत कुल रकम 489 करोड़ रुपये है।

चौधरी ने कहा कि देश ने लगभग हर जगह बैंकिंग सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। ‘जन धन दर्शक’ ऐप पर बैंकों द्वारा अपलोड किए गए डेटा के अनुसार, 99.92 प्रतिशत गांवों (6,01,328 में से 6,00,868) में अब 5 किलोमीटर के दायरे में बैंक शाखा/ व्यापार प्रतिनिधि/ इंडिया पोस्ट भुगतान बैंक की सुविधा उपलब्ध है।

मंत्री ने एक और सवाल के जवाब में कहा कि 2015 में शुरू हुई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत जून 2026 तक 59.14 करोड़ से अधिक ऋण मंज़ूर/वितरित किए जा चुके हैं।

भाषा वैभव सुभाष अविनाश

अविनाश