भाजपा के बागी नेता भिवंडी महानगरपालिका के महापौर चुने गये

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भाजपा के बागी नेता भिवंडी महानगरपालिका के महापौर चुने गये

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  • Publish Date - February 20, 2026 / 06:51 PM IST,
    Updated On - February 20, 2026 / 06:51 PM IST

भिवंडी, 20 फरवरी (भाषा) भाजपा के एक बागी नेता को शुक्रवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाले ‘‘सेक्युलर फ्रंट’’ के समर्थन से ठाणे जिले के भिवंडी-निजामपुर शहर महानगरपालिका का महापौर चुना गया।

नारायण चौधरी का शीर्ष पद पर नाटकीय रूप से चुना जाना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, जिसने हाल में संपन्न हुए राज्यभर के स्थानीय निकाय चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया था।

चौधरी ने अपने पांच सहयोगियों के साथ भाजपा से अलग होकर एक अलग गुट बनाया था।

चौधरी ने 90 सदस्यीय नगर निकाय में हाथ उठाकर कराए गए महापौर चुनाव में 48 मत हासिल किये। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के विलास पाटिल को 25 मत मिले, जबकि भाजपा की स्नेहा पाटिल को 16 मत प्राप्त हुए।

एक निर्दलीय उम्मीदवार ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।

गत 15 जनवरी को भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका के चुनाव में कांग्रेस 30 सीट के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, इसके बाद भाजपा (22), शिवसेना (12), राकांपा (शप) (12), समाजवादी पार्टी (6), कोनार्क विकास आघाडी (4) और भिवंडी विकास आघाडी (3) का स्थान रहा। एक निर्दलीय उम्मीदवार भी विजयी हुआ था।

महापौर पद की दौड़ में उस समय एक नया मोड़ आया, जब चौधरी और पांच अन्य ने भाजपा से अलग होकर कांग्रेस और शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (शप) के साथ ‘सेक्युलर फ्रंट’ के बैनर तले गठबंधन कर लिया। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें महापौर पद के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिया।

भिवंडी महानगरपालिका में महापौर पद के लिए दस आवेदन दाखिल किए गए थे। चौधरी ने स्वयं दो आवेदन दाखिल किये थे, जिनमें से एक को पीठासीन अधिकारी ने स्वीकार कर लिया था। मतदान से कुछ घंटे पहले, छह उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया था।

इसी बीच, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने भिवंडी में बागी पार्षदों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।

चव्हाण ने यहां पत्रकारों से कहा कि पार्टी ने शुरुआत में महापौर पद के लिए चौधरी के नाम पर विचार किया था। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, कुछ राजनीतिक घटनाक्रम के बाद, मामला राज्य स्तर पर भेजा गया, जहां स्नेहा पाटिल को उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया गया।’’

उन्होंने कहा कि पार्टी ने महापौर चुनाव में मतों के बंटवारे को रोकने के लिए चौधरी और उनका समर्थन करने वाले भाजपा पार्षदों को मनाने की पूरी कोशिश की। चव्हाण ने कहा, ‘‘उन्हें चेतावनी दी गई थी कि पार्टी के फैसले का पालन नहीं किये जाने पर कार्रवाई की जायेगी। उस समय पार्षदों ने हमें आश्वासन दिया था कि वे पार्टी के निर्णय का पालन करेंगे और बगावत नहीं करेंगे।’’

चव्हाण ने कहा कि पार्टी अनुशासन के ऐसे उल्लंघन को गंभीरता से लेती है और अब आधिकारिक उम्मीदवार और पार्टी के हितों के खिलाफ काम करने वालों के खिलाफ औपचारिक रूप से कार्रवाई शुरू करेगी।

भाषा

देवेंद्र दिलीप

दिलीप