महापंजीयक ने जनगणना के दौरान जुटाए गए अनंतिम आंकड़े जारी नहीं करने के लिए चेताया

Ads

महापंजीयक ने जनगणना के दौरान जुटाए गए अनंतिम आंकड़े जारी नहीं करने के लिए चेताया

  •  
  • Publish Date - July 1, 2026 / 08:29 PM IST,
    Updated On - July 1, 2026 / 08:29 PM IST

(अभिषेक शुक्ला)

नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) भारत के महापंजीयक मृत्युंजय कुमार नारायण ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनगणना के दौरान एकत्र किए गए किसी भी ‘‘अनंतिम आंकड़े’’ या अन्य किसी प्रकार की जानकारी को अगले आदेश तक न तो मीडिया को जारी किया जाए और न ही कोई अन्य प्राधिकार इसका इस्तेमाल करे।

देशभर के सभी जनगणना संचालन निदेशालयों को भेजे गए एक पत्र में उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान इकट्ठा की गई सभी जानकारी गोपनीय होती है और जनगणना अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के तहत सुरक्षित होती है।

पत्र में कहा गया कि भारत के महापंजीयक के अगले आदेश तक जनसंख्या के अनंतिम आंकड़े या मकान सूचीकरण से संबंधित कोई भी जानकारी प्रेस को जारी नहीं की जानी चाहिए और न ही सरकारी या गैर-सरकारी किसी भी प्राधिकार द्वारा उपयोग में लाया जाना चाहिए।

नारायण ने कहा कि प्रधान जनगणना अधिकारी, गणनाकर्ता या जनगणना संचालन निदेशालय के कर्मचारियों समेत इस प्रक्रिया से जुड़े सभी कर्मियों को जनगणना के दौरान इकट्ठा आंकड़े की गोपनीयता के बारे में ठीक से जागरूक किया जाना चाहिए।

पत्र में कहा गया, “जनगणना के काम में शामिल किसी भी अधिकारी द्वारा निर्देशों का उल्लंघन करने पर इसे गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ जनगणना अधिनियम, 1948 और अन्य संबंधित कानूनों व नियमों के तहत उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।’’

नारायण ने कहा कि जनगणना पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया है, जिसमें गणनाकर्ता विशेष रूप से विकसित मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा एकत्र करेंगे। हालांकि, संचालन संबंधी आकस्मिक परिस्थितियों जैसे तकनीकी समस्याएं, कनेक्टिविटी की बाधाएं या अन्य मामलों में डेटा संग्रह के लिए निर्देश पुस्तिकाओं में उपलब्ध कागजी अनुसूचियों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

निर्देशों में कहा गया है कि प्रभारी अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि मकान सूचीकरण से संबंधित आंकड़े कागजी माध्यम से एकत्र किए जाने की स्थिति में उनकी डेटा एंट्री (जनगणना पोर्टल पर) प्रक्रिया की अवधि समाप्त होने के सात दिन के भीतर पूरी कर ली जाए।

निर्देशों में कहा गया है कि रिकॉर्ड दस्तावेजों को उचित रूप से पैक की गई पेटियों में डाक विभाग के माध्यम से जनगणना संचालन निदेशालय (डीसीओ) को भेजा जाएगा।

महापंजीयक ने जनगणना के दौरान इकट्ठा की गई जानकारी को सुरक्षित रखने में तय नियमों के पालन पर जोर दिया।

आज़ादी के बाद से यह आठवीं जनगणना है, जो दो चरण में की जा रही है पहला चरण मकान सूचीकरण और मकान गणना के रूप में जाना जाता है, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होता है।

भाषा आशीष माधव

माधव