नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) विदेश सचिव विक्रम मिसरी का कार्यकाल बुधवार को एक साल के लिए बढ़ाकर अगले साल 14 जुलाई तक कर दिया गया।
चीन मामलों के जानकार मिसरी को जून 2024 में इस पद पर नियुक्त किया गया था।
मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने मूलभूत नियम 56(डी) के प्रावधानों के तहत, 14 जुलाई 2026 के बाद एक साल की अवधि के लिए, यानी 14 जुलाई 2027 तक कार्यकाल बढ़ाने को अनुमति दे दी है।
इस नियम में रक्षा सचिव, विदेश सचिव, गृह सचिव, खुफिया ब्यूरो के निदेशक, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के सचिव और कुछ अन्य अधिकारियों के लिए 60 साल की सेवानिवृत्ति की उम्र के बाद भी सेवा का कार्यकाल बढ़ाने का प्रावधान है।
भारतीय विदेश सेवा के 1989 बैच के अधिकारी मिसरी, विदेश सचिव के तौर पर अपनी नियुक्ति से पहले उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे।
उन्हें तीन प्रधानमंत्रियों – इंदर कुमार गुजराल, मनमोहन सिंह और नरेन्द्र मोदी – के निजी सचिव के तौर पर काम करने का विशेष सम्मान हासिल है।
उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के तौर पर नियुक्त होने से पहले, मिसरी ने 2019-2021 तक चीन में भारत के राजदूत के तौर पर काम किया।
जून 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़पों के बाद भारत और चीन के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। माना जाता है कि उस दौरान हुई बातचीत में मिसरी ने अहम भूमिका निभाई थी।
मिसरी ने स्पेन (2014-2016) और म्यांमा (2016-2018) में भारत के राजदूत के तौर पर भी काम किया है। इसके अलावा, उन्होंने पाकिस्तान, अमेरिका, जर्मनी, बेल्जियम और श्रीलंका जैसे कई भारतीय मिशनों में भी अपनी सेवाएं दी हैं।
भाषा प्रशांत माधव
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