पंजाब के अस्पताल को खराब वेंटिलेटर भेजने की खबरें निराधार : केंद्र

पंजाब के अस्पताल को खराब वेंटिलेटर भेजने की खबरें निराधार : केंद्र

पंजाब के अस्पताल को खराब वेंटिलेटर भेजने की खबरें निराधार : केंद्र
Modified Date: November 29, 2022 / 09:01 pm IST
Published Date: May 13, 2021 10:35 am IST

नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) केंद्र ने बृहस्पतिवार को उन खबरों को ‘‘निराधार’’ करार दिया जिनमें कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा पीएम केयर्स फंड के तहत पंजाब के फरीदकोट स्थित जीजीएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को भेजे गए वेंटिलेटर बेकार पड़े हैं क्योंकि इनमें तकनीकी खामियां हैं जिनका समाधान नहीं हो सका है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि गुरु गोबिंद सिंह (जीजीएस) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अवसंरचना के अभाव की वजह से ये जीवनरक्षक मशीन खराब हुई हैं।

मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा अस्पताल अवसंरचना को मजबूत करने के क्रम में केंद्र सरकार अप्रैल 2020 से वेंटिलेटर सहित अत्यावश्यक चिकित्सा उपकरण खरीदती रही है और इन्हें राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों/केंद्रीय अस्पतालों/संस्थानों को उपलब्ध कराती रही है।

इसने अपने बयान में कहा, ‘‘मीडिया में कुछ ऐसी खबरें आई हैं कि भारत सरकार ने जीजीएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, फरीदकोट, पंजाब को (पीएम केयर्स की मदद से) जो वेंटिलेटर भेजे थे, वे तकनीकी खामियों की वजह से बेकार पड़े हैं जिनका विनिर्माताओं की बिक्री बाद की तकनीकी मदद प्रणाली ठीक न होने के कारण समाधान नहीं हो सका है।’’

मंत्रालय ने कहा, ‘‘ये खबरें निराधार प्रतीत होती हैं जिनमें मामले को लेकर पूरी जानकारी नहीं है।’’

इसने कहा कि मीडिया में आईं इन खबरों कि एग्वा निर्मित 80 वेंटिलेटर में से 71 वेंटिलेटर अस्पताल में बेकार पड़े हैं, स्पष्ट किया जाता है कि 88 वेंटिलेटर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) द्वारा और पांच एग्वा द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं।

बयान में कहा गया कि ये वेंटिलेटर सफलतापूर्वक स्थापित और शुरू किए गए थे तथा अस्पताल के अधिकारियों ने इस संबंध में अंतिम स्वीकृति प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया था।

इसमें कहा गया कि मीडिया के एक तबके में आईं खबरों के विपरीत बीईएल ने सूचना दी है कि ज्यादातर वेंटिलेटर खराब नहीं हैं।

भाषा नेत्रपाल पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में