गूगल, मेटा के प्रतिनिधि सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय समिति के समक्ष पेश हुए

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गूगल, मेटा के प्रतिनिधि सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय समिति के समक्ष पेश हुए

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  • Publish Date - August 3, 2026 / 06:47 PM IST,
    Updated On - August 3, 2026 / 06:47 PM IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) गूगल, मेटा, यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधि तथा गृह मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी सोशल मीडिया विनियमन के मुद्दे पर सोमवार को एक संसदीय समिति के समक्ष पेश हुए।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे की अगुवाई वाली सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति की यह बैठक, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फेसबुक पोस्ट पर कुछ समय के लिए रोक लगा देने की घटना को लेकर सरकार द्वारा मेटा की वैश्विक टीम को तलब किए जाने के कुछ दिनों बाद हुई।

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन तथा सोशल और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म – स्नैपचैट, गूगल, एक्स (पहले ट्विटर), मेटा (फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम) और यूट्यूब – के प्रतिनिधि ‘सोशल और डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा उनके विनियमन’ विषय पर चर्चा करने के लिए समिति के समक्ष पेश हुए।

सूत्रों ने शुक्रवार को बताया था कि पिछले हफ्ते, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोशल मीडिया कंपनी द्वारा प्रधानमंत्री के फेसबुक पोस्ट पर कुछ समय के लिए रोक लगा देने की घटना के बाद ‘एल्गोरिद्मिक बायस’, प्लेटफॉर्म की एल्गोरिद्म प्रक्रिया और लोक व्यवस्था में उनकी भूमिका से जुड़े मुद्दों पर मेटा की वैश्विक टीम को तलब किया था।

फेसबुक पोस्ट में, प्रधानमंत्री मोदी भारत के युवाओं को संबोधित कर रहे थे और प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा कर रहे थे।

मेटा ने इस घटना को एक तकनीकी गड़बड़ी बताया था और माफी मांगी थी, वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस सफाई को ‘काफी नहीं’ पाया।

कंपनी ने कहा था कि सामग्री ‘‘गलती से’’ हटा दी गई थी और प्लेटफॉर्म पर वापस आ गई थी।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि मामला सिर्फ तकनीकी पहलुओं का नहीं है, बल्कि ‘‘राष्ट्रीय सुरक्षा और लोक व्यवस्था’’ का भी है।

भाषा वैभव सुभाष

सुभाष