(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 23 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के लिए 30,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और अर्द्धसैनिक बलों की 70 से अधिक कंपनियों को तैनात किया जाएगा। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा बल के जवान पहली बार कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) से लैस स्मार्ट चश्मे का इस्तेमाल करेंगे जो चेहरे की पहचान प्रणाली (एफआरएस) और थर्मल इमेजिंग तकनीक से लैस होंगे।
भारत में निर्मित यह स्मार्ट चश्मे वास्तविक समय में अपराधियों, संदिग्धों और घोषित अपराधियों के पुलिस डेटाबेस से जुड़े होंगे। इससे जमीनी स्तर पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में व्यक्तियों की तुरंत पहचान करने में मदद मिलेगी।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (नयी दिल्ली) देवेश कुमार महला ने कहा, ‘‘ये पहनने योग्य उपकरण (स्मार्ट चश्मे) पुलिस अधिकारियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले मोबाइल फोन से जुड़ेंगे, जिससे उनकी आपराधिक डेटाबेस तक पहुंच प्राप्त होगी।’’
उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है तो स्मार्ट चश्मे पर एक हरा बॉक्स दिखाई देता है, जबकि एक लाल बॉक्स आपराधिक रिकॉर्ड का संकेत देगा।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली परेड के लिए सुरक्षा व्यवस्था में बहुस्तरीय अवरोधक लगाए गए हैं और इसके अलावा छह स्तरों की जांच एवं तलाशी शामिल है। नयी दिल्ली में एफआरएस सहित हजारों सीसीटीवी लगाए गए हैं।
एफआरएस से लैस मोबाइल वाहनों को भी विभिन्न स्थानों पर तैनात किया जाएगा।
महला ने कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।’’
उन्होंने कहा कि कई सुरक्षा एजेंसियों के साथ मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है।
कुल तैनाती में से 10,000 सुरक्षाकर्मियों को विशेष रूप से नयी दिल्ली में तैनात किया जाएगा।
दिल्ली के सभी जिलों के डीसीपी को सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पूरी जानकारी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी हाई अलर्ट पर रहेंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देंगे।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि नयी दिल्ली, उत्तरी और मध्य जिलों में लगभग 4,000 स्थानों पर छत सुरक्षा चौकियों की पहचान की गई है। परेड मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 500 उच्च-रिज़ॉल्यूशन एआई कैमरे लगाए जा रहे हैं। गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वाले सभी लोगों को सुरक्षा स्टिकर दिए जाएंगे।
पुलिस उपायुक्तों (डीसीपी) ने परेड मार्ग सर्वेक्षण और अन्य जांच पूरी कर ली है। बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन और लोकप्रिय बाजारों जैसे अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
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