गिग श्रमिकों का सम्मान और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता नहीं : राहुल गांधी

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गिग श्रमिकों का सम्मान और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता नहीं : राहुल गांधी

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  • Publish Date - March 17, 2026 / 10:26 PM IST,
    Updated On - March 17, 2026 / 10:26 PM IST

नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गिग श्रमिकों को लेकर लोकसभा में पूछे गए लिखित प्रश्न और सरकार द्वारा दिए गए जवाब का हवाला देते हुए मंगलवार को दावा किया कि इन श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल नहीं है।

राहुल गांधी ने बीते सोमवार को सरकार से लिखित प्रश्न किया था जिसकी प्रति उन्होंने अपने व्हाट्सएप चैनल पर साझा की।

राहुल गांधी ने अपने ‘व्हाट्सएप चैनल’ पर पोस्ट किया, ‘‘मैं हाल ही में गिग श्रमिकों के एक समूह से मिला और उनकी समस्याओं को सुनकर लोकसभा में सरकार से सीधे सवाल पूछे कि क्या गिग श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी मिलेगी? कोई जवाब नहीं। बीमा योजनाओं में उनके दावे (फाइल, स्वीकृत, अस्वीकृत) का डेटा क्या है? कोई जवाब नहीं मिला।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मैने यह भी पूछा गिग वर्कर (श्रमिक) की दुर्घटना और मौतों की संख्या बताई जाए? कोई जवाब नहीं मिला। सरकार के पास आईडी ब्लॉक, जाति-आधारित भेदभाव और महिला श्रमिकों की समस्याओं को दूर करने की कोई योजना है? कोई जवाब नहीं मिला।’’

राहुल गांधी ने दावा किया कि सरकार की ‘‘चुप्पी’’ दिखाती है कि गिग श्रमिकों का श्रम, उनका सम्मान, उनकी सुरक्षा इस सरकार की प्राथमिकता में है ही नहीं।

उन्होंने कहा, ‘‘असलियत ये है कि नीति आयोग के आंकड़ों के मुताबिक जल्द ही देश में दो करोड़ से अधिक गिग कर्मचारी होंगे, लेकिन ई श्रम पोर्टल पर आज भी केवल करीब 8.8 लाख कामगार ही पंजीकृत हैं। बीमा योजनाओं में स्थिति और खराब है – जीवन ज्योति बीमा योजना में 23,831 और सुरक्षा बीमा योजना में 1.3 लाख गिग श्रमिकों का ही पंजीकरण है।’’

श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा कारान्दलाजे ने कहा था, ‘‘सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 दिनांक 21 नवंबर 2025 को लागू हुई है जिसका उद्देश्य मौजूदा सामाजिक सुरक्षा कानूनों को एक ही ढांचे में समेकित करना और सरल बनाना तथा संगठित, असंगठित, गिग, प्लेटफॉर्म और स्व-नियोजित कामगारों सहित सभी कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करना है।’’

उन्होंने कहा था कि पहली बार, सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 में ‘गिग कामगार’ और ‘प्लेटफॉर्म कामगार’ की परिभाषा और उससे संबंधित प्रावधान दिए गए हैं। गिग कामगार और प्लेटफॉर्म कामगार पारंपरिक नियोक्ता-कर्मचारी संबंधों से बाहर हैं।

मंत्री का यह भी कहना था, ‘‘इस संहिता में जीवन और निःशक्तता कवर, दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य और मातृत्व लाभ, वृद्धावस्था संरक्षण आदि से संबंधित मामलों पर गिग कामगारों और प्लेटफॉर्म कामगारों के लिए उपयुक्त सामाजिक सुरक्षा उपाय तैयार करने का प्रावधान किया गया है। संहिता में इन कल्याणकारी योजनाओं के वित्तपोषण के लिए एक सामाजिक सुरक्षा कोष की स्थापना का प्रावधान है।’’

भाषा हक पवनेश शफीक

शफीक