आरजी कर अस्पताल दुष्कर्म-हत्या मामले में पीड़िता की मां ने बेटी को न्याय दिलाने का संकल्प लिया

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आरजी कर अस्पताल दुष्कर्म-हत्या मामले में पीड़िता की मां ने बेटी को न्याय दिलाने का संकल्प लिया

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  • Publish Date - May 13, 2026 / 09:48 PM IST,
    Updated On - May 13, 2026 / 09:48 PM IST

कोलकाता, 13 मई (भाषा) आरजी कर अस्पताल दुष्कर्म-हत्या मामले में पीड़िता की मां और पानीहाटी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रत्ना देबनाथ ने बुधवार को कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में शपथ ग्रहण करना उनकी बेटी को न्याय दिलाने की लड़ाई का पहला निर्णायक कदम है।

नौ अगस्त 2024 को अस्पताल में दुष्कर्म के बाद देबनाथ की बेटी की हत्या कर दी गई थी।

विधानसभा परिसर में ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत के दौरान देबनाथ ने कहा कि उनकी लड़ाई में एक अहम मोड़ तब आया जब वह मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के साथ हुई नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में शामिल होने मंगलवार को राज्य सचिवालय नबन्ना पहुंचीं।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पिछले साल अगस्त का वह समय याद आ गया, जब मैंने पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान ‘नबन्ना अभियान’ में हिस्सा लेते हुए पुलिस लाठीचार्ज का सामना किया था। लेकिन इस बार नबान्ना के गेट पर तैनात कोलकाता पुलिस के कर्मी मेरे साथ सेल्फी लेना चाहते थे और वे मुझे अंदर तक लेकर गए।”

देबनाथ उन 144 विधायकों में शामिल हैं, जिन्होंने बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में शपथ ग्रहण समारोह के पहले दिन शपथ ली।

उन्होंने कहा कि विधायक बनने के बाद उनकी बेटी को न्याय दिलाने की लड़ाई अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है।

उन्होंने कहा, “अब मैं तब तक चैन से नहीं बैठूंगी जब तक इस अपराध के दोषियों को सजा न मिल जाए और घर, कार्यस्थल या बाहर निकलने वाली हर महिला खुद को सुरक्षित महसूस न करे और आरजी कर मामले समेत ऐसे सभी मामलों के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा न मिले।”

देबनाथ ने कहा, “मुझे लगता है कि मेरा विधायक बनना बेटी की बर्बरतापूर्वक हत्या के मामले में न्याय की तलाश में मेरी यात्रा का पहला निर्णायक चरण है। मैं अपनी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रही थी, जो समाज के लिए बहुत कुछ करना चाहती थी, लेकिन अपने कार्यस्थल पर ही हिंसा का शिकार हो गई।”

भाषा जोहेब सुरेश

सुरेश