राज्यसभा में राजद सांसद ने ‘सेंट्रल हॉल’ को किया याद, कहा : पहले जैसी स्थिति नहीं रही
राज्यसभा में राजद सांसद ने ‘सेंट्रल हॉल’ को किया याद, कहा : पहले जैसी स्थिति नहीं रही
नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) राज्यसभा में बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सदस्य प्रेमचंद गुप्ता ने पुराने संसद भवन के केंद्रीय कक्ष को याद किया और कहा कि वहां कोई ‘भेदभाव’ नहीं था तथा दोनों पक्षों के लोग एक साथ बैठकर अपने सुख-दुख पर बात करते थे लेकिन अब वो बात नहीं रह गयी है।
राजद सदस्य गुप्ता ने अपने 30 साल के संसदीय अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले और आज की स्थिति में बहुत फर्क आ गया है। उन्होंने कहा कि पहले सांसद सेंट्रल हॉल (केंद्रीय कक्ष) में एक साथ बैठते थे जहां कोई भेदभाव नहीं था। उन्होंने कहा कि नए संसद भवन में वह स्थिति नहीं है, यहां लाउंच है लेकिन लोग अलग-अलग समूहों में बैठे मिलते हैं।
गुप्ता राज्यसभा का अपना कार्यकाल पूरा होने पर सदन में विदाई भाषण दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि वह 1996 में पहली बार यहां आए थे और 30 साल बाद सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह पहले कारोबार करते थे और राजद नेता लालू प्रसाद के कहने पर राजनीति में आए।
उन्होंने कहा कि यहां बिल्कुल अलग दुनिया थी और देश के अलग-अलग क्षेत्र के दिग्गज लोगों से यहां मिलने का और उनसे काफी कुछ सीखने का मौका मिला।
अन्नाद्रमुक सदस्य एम. थंबीदुरै ने कहा कि उच्च सदन में संसद की सर्वोत्तम प्रवृत्तियों को आसानी से देखा जा सकता है और उन्हें हमेशा लगा कि यह उनका दूसरा घर है।
उन्होंने कहा कि भारत की सभी भाषाओं को आधिकारिक भाषा का दर्जा मिलना चाहिए।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सुभाषचंद्र बोस पिल्ली ने सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों को बधाई देते हुए अपनी बात तेलुगु में रखी।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जॉन ब्रिटास ने कहा कि इस सदन से सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों ने यहां चर्चा में भाग लेकर देश की विविधता का प्रतिनिधित्व किया। ब्रिटास ने सेवानिवृत्त हो रहे उपसभापति हरिवंश द्वारा निभायी गयी भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सदन की गरिमा को बरकरार रखने का पूरा प्रयास किया।
उन्होंने सेवानिवृत्त हो रही शिवसेना (उबाठा) की प्रियंका चतुर्वेदी की सराहना करते हुए कहा कि वह सदन की ‘पेज थ्री पर्सनैलिटी’ हैं।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि बातचीत से हर समस्या का समाधान निकाला जा सकता है और विधेयकों को जल्दबाजी में पारित नहीं किया जाना चाहिए।
बीआरएस सदस्य केआर सुरेश रेड्डी ने कहा कि सदन की कार्यवाही के संचालन में यहां के हर व्यक्ति की अहम भूमिका होती है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेल ने कहा ‘‘शरद पवार इस सदन में पुन: आ रहे हैं और मैं उनका स्वागत करता हूं। मैंने उनके साथ लंबे समय तक काम किया है और उनसे बहुत कुछ सीखा है।’’
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के संदोष कुमार पी, आईयूएमएल के अब्दुल वहाब, द्रमुक सदस्य कनिमोझी एनवीएन सोमू, एन आर इलांगो, बीजू जनता दल के मुजीबुल्ला खान, निरंजन बिशी, शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी, माकपा के वी शिवदासन, समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान, निर्दलीय अजीत कुमार भुयान, वाईएसआर कांग्रेस के अयोध्या रामी रेड्डी आला, टीएमसी (एम) सदस्य जी के वासन, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की फौजिया खान, कांग्रेस के शक्तिसिंह गोहिल, भाजपा के भगवत कराड़ और आम आदमी पार्टी के अशोक कुमार मित्तल ने भी उच्च सदन में अपने अनुभव साझा किए।
भाषा
माधव मनीषा अविनाश
मनीषा

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