नीतीश के शपथग्रहण समारोह का बहिष्कार करेगा राजद, कांग्रेस भी नहीं होगी शामिल

Ads

नीतीश के शपथग्रहण समारोह का बहिष्कार करेगा राजद, कांग्रेस भी नहीं होगी शामिल

  •  
  • Publish Date - November 16, 2020 / 08:48 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 09:00 PM IST

पटना, 16 नवंबर (भाषा) बिहार में विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनने वाली नयी सरकार के सोमवार शाम को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार करेगा।

राजद ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। इस बीच, राज्य में विपक्षी महागठबंधन के घटक दल कांग्रेस ने भी कहा कि वह शपथग्रहण में शामिल नहीं होगी।

राजद के ट्वीट किया, ‘‘राजद शपथ ग्रहण का बहिष्कार करता है। बदलाव का जनादेश राजग के विरुद्ध है। जनादेश को ‘शासनादेश’ से बदल दिया गया।’’

read more : नीतीश के शपथग्रहण समारोह का बहिष्कार करेगा राजद, कांग्रेस भी नहीं ह…

विपक्षी पार्टी ने राजग पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘बिहार के बेरोजगारों, किसानों, संविदाकर्मियों और नियोजित शिक्षकों से पूछिए कि उन पर क्या गुजर रही है।’’

राजद ने कहा, ‘‘राजग के फर्जीवाड़े से जनता आक्रोशित है। हम जनप्रतिनिधि हैं और जनता के साथ खड़े हैं। ’’

गौरतलब है कि नीतीश कुमार सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथग्रहण समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा सहित भाजपा के शीर्ष नेता मौजूद रहेंगे ।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने कहा कि अभी तक उन्हें आमंत्रण भी नहीं मिला है और यदि आमंत्रण आयेगा, वह तब भी शामिल नहीं होंगे।

read more :हिमाचल प्रदेश में एक वाहन के खड्ड में गिरने से बिहार के सात मजदूरों की मौत

उन्होंने कहा कि वह तेजस्वी यादव की राय से सहमत है कि जनादेश का गला घोंटा गया है ।

झा ने कहा, ‘‘हम इस सरकार के गठन का विरोध करते हैं।’’

हाल में सम्पन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में राजग को 125 सीट हासिल हुई थीं जबकि विपक्षी महागठबंधन को 110 सीट मिली थीं। विपक्षी राजद को 75 सीट पर जीत मिली थी। वहीं, भाजपा को 74 सीट और जदयू को 43 सीट हासिल हुई थी ।

read more : भाजपा ने गुपकर घोषणापत्र गठबंधन को ‘गुप्तचर गठबंधन’ बताया, साधा कां…

राजद ने एक अन्य ट्वीट किया, ‘‘बिहार में दो मजबूरों की मजबूर सरकार बन रही है । एक शक्तिविहीन, शिथिल और भ्रष्ट प्रमाणित हो चुके मजबूर मुख्यमंत्री और दूसरा चेहराविहीन और तन्त्र प्रपंच को मजबूर वरिष्ठ घटक दल।’’

लालू प्रसाद की पार्टी ने कहा कि इनकी मजबूरी का कारण राजद का जनाधार और बिहार के लोगों द्वारा तेजस्वी यादव को अपना सर्वाधिक प्रिय नेता स्वीकार कर लेना है । राजद ने अपने ट्वीट में नीतीश कुमार पर भी तंज किया।