नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा को बताया कि आगरा के एक स्टेशन पर आरपीएफ कर्मियों द्वारा स्टेशन मास्टर पर कथित हमले के मामले में जांचं के लिए अंतर-विभागीय समिति गठित की गई है।
समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने सवाल किया था कि इस साल जुलाई में आगरा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ कर्मियों ने एक रेलवे कर्मचारी पर हमला किया था, उस संबंध में अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
वैष्णव ने इस सवाल के लिखित जवाब में कहा, ‘‘जुलाई 2026 में आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर एक घटना हुई जिसमें आरपीएफ कर्मियों ने कथित तौर पर एक रेलवे कर्मचारी के साथ मारपीट की थी।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में आगरा कैंट के चार आरपीएफ कर्मचारियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया और अंतर-विभागीय संयुक्त जांच समिति गठित की गई है।
सुमन ने यह भी पूछा था कि पिछले तीन साल में रेलवे सुरक्षा के लिए तैनात रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कर्मियों के खिलाफ कितनी शिकायतें मिली हैं और इन शिकायतों के निपटारे के दौरान आरपीएफ कर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है?
इसके जवाब में रेल मंत्री ने कहा, ‘‘आरपीएफ सहित रेलवे कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतें मिलना और उन पर कार्रवाई एक सतत प्रक्रिया है। रेलवे कर्मचारियों, जिनमें आरपीएफ के कर्मी भी शामिल हैं, के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के कई तरीके उपलब्ध हैं, जैसे रेल मदद, सीपीग्राम्स ई-मेल और अन्य चैनल।’’
उन्होंने कहा, ‘ऐसी शिकायतें मिलने पर, तय नियमों के अनुसार जांच-पड़ताल की जाती है। इन जांचों के नतीजों के आधार पर, संबंधित प्रावधानों के तहत संबंधित कर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई शुरू की जाती है।’
सुमन ने यह सवाल भी किया था कि क्या आरपीएफ के खराब प्रदर्शन को देखते हुए, रेलवे बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को यह कार्य सौंपने पर विचार करेगा? इसके जवाब में वैष्णव ने कहा, ‘‘रेलवे सुरक्षा सीआईएसएफ को सौंपने का कोई प्रस्ताव नहीं है।’’
भाषा अविनाश नरेश
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