राजस्थान के 35 जिलों में पंचायत चुनाव लड़ेगी आरपीआई : आठवले

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राजस्थान के 35 जिलों में पंचायत चुनाव लड़ेगी आरपीआई : आठवले

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  • Publish Date - August 3, 2026 / 06:23 PM IST,
    Updated On - August 3, 2026 / 06:23 PM IST

जयपुर, तीन अगस्त (भाषा) रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने सोमवार को कहा कि राजस्थान में पार्टी का संगठन लगातार मजबूत हो रहा है और आगामी पंचायत चुनाव में आरपीआई राज्य के 35 जिलों में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद स्तर पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।

खासाकोठी स्थित राजकीय अतिथि गृह में आयोजित एक प्रेसवार्ता में आठवले ने कहा कि आरपीआई अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग तथा बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की विचारधारा में विश्वास रखने वाले सभी लोगों को साथ लेकर चलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता होगी, वहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा जाएगा, क्योंकि भाजपा और आरपीआई सहयोगी दल हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में पार्टी संगठन के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी और लंबे समय तक मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर दिया।

आठवले ने विश्वास जताया कि आगामी चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) एक बार फिर सरकार बनाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में व्यापक विकास कार्य हुए हैं और इसी आधार पर जनता दोबारा राजग का समर्थन करेगी।

आठवले ने कहा कि वर्ष 2029 में मोदी ही प्रधानमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी ‘फिजिकली फिट’, ‘स्ट्रॉन्ग’ (शारीरिक रूप से तंदरूस्त) हैं। मोदी ने देश के विकास के लिए बड़ा कम किया है। 2029 का चुनाव हम जीतेंगे, चौथी बार राजग सरकार बनेगी। राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव में राजग को हराने की ताकत नहीं है।’’

नीट पेपर लीक मामले पर उन्होंने कहा कि सरकार ने किसी भी दोषी को नहीं बख्शा है, जिन लोगों की संलिप्तता सामने आई, उन्हें गिरफ्तार करके जेल भेजा गया।

उन्होंने कहा कि पहले भी पेपर लीक रोकने के लिए कानून था, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग छात्रों का भविष्य खराब करने के लिए इस तरह के अपराधों में शामिल रहे। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से अनेक विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ और कुछ छात्रों ने आत्महत्या जैसा कदम भी उठाया।

उन्होंने कहा कि उस समय भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर आंदोलन किया था और तत्कालीन सरकार से नैतिक जिम्मेदारी तय करने, संबंधित मंत्री तथा मुख्यमंत्री से जवाबदेही तय करने और आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिजनों को सहायता देने की मांग की थी।

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित अनियमितता के मामले पर आठवले ने कहा कि भाजपा या राजग किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का समर्थन नहीं करता। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सांसद पप्पू यादव द्वारा संसद परिसर में साधु का वेश धारण करके प्रदर्शन किए जाने पर उन्होंने कहा कि विरोध दर्ज कराना जनप्रतिनिधियों का अधिकार है, लेकिन संसद परिसर में संत या साधु का वेश धारण करके प्रदर्शन करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ने भी इस पर नाराजगी जताई है और संसद की गरिमा एवं मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए प्रदर्शन के संबंध में आठवले ने कहा कि प्रधानमंत्री ने छात्रों के प्रति उदार रुख अपनाया है और किसी भी विद्यार्थी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों से कानून हाथ में नहीं लेने की अपील करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इस संबंध में कानून बनाया है और विद्यार्थियों की सभी मांगें भी मानी है।

उन्होंने कहा कि वह स्वयं आंदोलनों से राजनीति में आए हैं और लाठीचार्ज का समर्थन नहीं करते, लेकिन संसद भवन तक मार्च करना भी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों ने गलती की उन पर भी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने छात्रों पर लाठीचार्ज का कोई आदेश नहीं दिया था।

आठवले ने कहा कि राहुल गांधी ने सदन में असंसदीय शब्दों का प्रयोग किया और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर निराधार आरोप लगाए। आठवले ने कहा कि वह स्वयं उस समय सदन में मौजूद थे और अमित शाह पर गोलीबारी के आदेश देने का आरोप पूरी तरह गलत है।

आठवले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए संकल्पित है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत देशभर में 58 करोड़ 30 लाख से अधिक खाते खोले गए हैं और राजस्थान में 3 करोड़ 84 लाख से अधिक खाते खोले गए हैं।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत 58 करोड़ 31 लाख से अधिक लोगों को 3968559.19 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वहीं राजस्थान में 2 करोड़ 51 लाख 93 हजार लाभार्थियों को इस योजना के अंतर्गत वित्त वर्ष 2015 से 2026 तक 209404.26 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत देशभर में 10 करोड़ 43 लाख कनेक्शन आवंटित किए गए हैं, जबकि राजस्थान में 74 लाख 32 हजार कनेक्शन आवंटित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत अब तक देशभर में 2 करोड़ 79 लाख से अधिक मकानों का निर्माण हो चुका है। उन्होंने बताया कि वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत पिछले एक दशक में 96 लाख 71 हजार से अधिक मकानों का देशभर में निर्माण हो चुका है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में इस योजना के अंतर्गत 2 लाख 74 हजार से अधिक मकानों का निर्माण हो चुका है।

आठवले ने बताया कि देशभर में नशा मुक्ति केन्द्रों की स्थापना के लिए वर्ष 2021 से मार्च 2026 तक 769 केन्द्रों के लिए 580 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित कि गयी है, जिसमें राजस्थान में कुल 35 केन्द्रों को 39 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक की राशि जारी की गयी है।

आठवले ने राजस्थान सरकार को गांवों के भूमिहीन गरीबों को पांच एकड़ जमीन मुफ्त देने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को हर जाति, वर्ग के भूमिहीन ग्रामीण को पांच एकड़ जमीन मुफ्त देने का कार्यक्रम हाथ में लेना चाहिए। पहले एक विशेषज्ञ कमेटी बनाकर भूमिहीन पात्र परिवारों का सर्वे करना चाहिए। सरकार के पास जमीन नहीं है तो खरीदकर उन्हें दें। जिन लोगों के पास गांवों में ज्यादा जमीन है, वे भी जमीन दान दे सकते हैं।’’

आठवले ने कहा, ‘‘मैं गरीबों को जमीन देने के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को जल्द ही चिट्ठी लिख रहा हूं।’’

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर आठवले ने कहा, ‘‘यूसीसी मुसलमानों के विरोध में नहीं है। जनसंख्या रोकने के लिए यूसीसी बहुत जरूरी है। मुसलमानों की गरीबी मिट सकती है।’’

भाषा बाकोलिया अमित

अमित