ट्रेनों में खराब भोजन, अस्वच्छता को लेकर कैटरिंग कंपनियों पर 5.13 करोड़ रुपये का जुर्माना: वैष्णव

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ट्रेनों में खराब भोजन, अस्वच्छता को लेकर कैटरिंग कंपनियों पर 5.13 करोड़ रुपये का जुर्माना: वैष्णव

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  • Publish Date - August 3, 2026 / 05:45 PM IST,
    Updated On - August 3, 2026 / 05:45 PM IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) ट्रेनों में भोजन की खराब गुणवत्ता और अस्वच्छ पेंट्री कार से जुड़ी शिकायतों की जांच के बाद सेवा प्रदाताओं पर पिछले तीन वर्षों में 5.13 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा को यह जानकारी दी।

कांग्रेस सांसद चंद्रकांत हंडोरे ने प्रीमियम ट्रेनों में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता का मुद्दा उठाते हुए पूछा था कि पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रीमियम और एक्सप्रेस ट्रेनों में खराब भोजन, अस्वच्छ पेंट्री कार और आतिथ्य सेवाओं में कमी से संबंधित कितनी शिकायतें मिलीं?

हंडोरे ने यह भी जानना चाहा था कि संस्थागत रूप से अधिक शुल्क वसूलने और खराब गुणवत्ता वाला या निर्धारित मात्रा से कम भोजन परोसने के दोषी आईआरसीटीसी लाइसेंसधारकों के खिलाफ क्या वैधानिक कार्रवाई की गई?

वैष्णव ने शुक्रवार को अपने लिखित जवाब में कहा, “भारतीय रेल हर साल जो भोजन परोसती है, उसे लेकर औसतन केवल 0.0008 प्रतिशत शिकायतें प्राप्त होती हैं। पिछले तीन वर्षों में इन शिकायतों की जांच के आधार पर 5.13 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।”

रेल मंत्री ने कहा कि यात्रियों को निर्धारित मानकों के अनुसार अच्छी गुणवत्ता वाला और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रेल द्वारा लगातार प्रयास किया जाता है। इसके लिए समय-समय पर आवश्यक कदम उठाए जाते हैं।

उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा में सुधार के लिए उठाए गए कई कदमों का उल्लेख किया। इनमें चिह्नित स्थानों पर आधुनिक बेस किचन शुरू करना, निर्धारित बेस किचन से भोजन की आपूर्ति और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया की वास्तविक समय निगरानी के लिए बेस किचन में सीसीटीवी कैमरे लगाना शामिल है।

वैष्णव ने ट्रेनों में इलेक्ट्रॉनिक बिलिंग और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के उपायों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पेंट्री कार में पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनें लगाई जा रही हैं, जिससे डिजिटल बिलिंग और नकद रहित लेनदेन को आसान बनाया जा सके।

उन्होंने कहा कि पेंट्री कार में यूपीआई, क्यूआर कोड और स्वाइप मशीन जैसे कई डिजिटल भुगतान विकल्प भी उपलब्ध हैं।

रेल मंत्री का यह जवाब सोमवार को राज्यसभा की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया।

भाषा मनीषा अविनाश

अविनाश