जयपुर, 16 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता रमेशचंद्र अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि संगठन ने पिछले वर्ष में उल्लेखनीय विस्तार किया है और दैनिक शाखाओं की संख्या लगभग 6,000 बढ़कर 88,000 से अधिक हो गई है, जबकि देशभर में गतिविधियों के आयोजन स्थलों की संख्या बढ़कर 55,000 से अधिक हो गई है।
उन्होंने बताया कि अब आरएसएस की गतिविधियां दूरदराज़ के क्षेत्रों तक पहुंच चुकी हैं, जिनमें अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख समेत आदिवासी क्षेत्र भी शामिल हैं, जहां नियमित शाखाएं संचालित की जा रही हैं।
अग्रवाल ने कहा कि राजस्थान में 12,109 शाखाएं और 5,950 साप्ताहिक सभाएं आयोजित होती हैं और समाज में पहुंच बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में हिंदू सम्मेलन भी आयोजित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि 13 से 15 मार्च तक हरियाणा के समालखा में तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का आयोजन हुआ, जिसमें संगठनात्मक विस्तार, सामाजिक सद्भाव व राष्ट्र निर्माण में समाज की अधिक भागीदारी पर चर्चा हुई।
अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा आरएसएस की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है।
अग्रवाल ने कहा कि संगठनात्मक विस्तार के साथ-साथ आरएसएस “पंच परिवर्तन” पहल के माध्यम से सामाजिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करने का कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि आरएसएस अगले वर्ष देशभर में 96 प्रशिक्षण शिविर आयोजित करेगा, जो इसके नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का हिस्सा हैं।
भाषा बाकोलिया
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