बंगाल में कानून का राज स्थापित होना चाहिए : माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम

बंगाल में कानून का राज स्थापित होना चाहिए : माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम

बंगाल में कानून का राज स्थापित होना चाहिए : माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम
Modified Date: September 20, 2026 / 08:15 pm IST
Published Date: September 20, 2026 8:15 pm IST

कोलकाता, 20 सितंबर (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने रविवार को भाजपा व आरएसएस पर वामपंथी कार्यकर्ताओं पर हमले कराने का आरोप लगाया और पश्चिम बंगाल सरकार से कानून का शासन सुनिश्चित करने के साथ-साथ लोगों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता, सुरक्षा और संरक्षण की मांग की।

माकपा नेता मोहम्मद सलीम ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “सरकार को लोगों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता, सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करना चाहिए।”

सलीम ने आरएसएस और बजरंग दल पर वामपंथी कार्यकर्ताओं पर हमले करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार को कानून का शासन स्थापित करना चाहिए।

उन्होंने कहा, “कानून का शासन स्थापित होना चाहिए। लोगों की व्यक्तिगत सुरक्षा और नागरिक स्वतंत्रता की गारंटी दी जानी चाहिए।” उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान भाजपा ने इसे सुनिश्चित करने का वादा किया था।

हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को तुरंत खारिज कर दिया और कहा कि कथित घटनाएं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर के आंतरिक विवाद का नतीजा थीं।

सलीम ने आरोप लगाया कि प्रशासन और पुलिस में लोगों का भरोसा बहाल करने के बजाय, “भाजपा सरकार वही गलती दोहरा रही है, जो टीएमसी सरकार ने की थी, लेकिन ज्यादा आक्रामक तरीके से।”

उन्होंने कहा, “भाजपा और आरएसएस को जल्द ही समझ आ जाएगा कि पश्चिम बंगाल अलग तरह का राज्य है और उन्हें टीएमसी के गुंडों तथा आरएसएस कार्यकर्ताओं के बीच अंतर करना चाहिए।”

सलीम ने दावा किया कि हाल के दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में माकपा कार्यकर्ताओं और पार्टी कार्यालयों पर हमले की कई घटनाएं हुई हैं। इनमें यादवपुर, सोनारपुर, बरुईपुर, कूच बिहार, अलीपुरद्वार और बर्द्धमान शामिल हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पश्चिम बंगाल को ‘‘विपक्ष मुक्त’’ बनाना चाहती है और दावा किया कि वामपंथ के बढ़ते समर्थन से सत्तारूढ़ दल “परेशान” हो गया है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने अपनी पार्टी का कथित घटनाओं से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया और दावा किया कि हिंसा टीएमसी के भीतर के आंतरिक विवाद का नतीजा थी।

उन्होंने कहा, “टीएमसी अच्छी तरह जानती है कि यह उसके अपने आंतरिक मतभेद का नतीजा है। हमारे किसी भी कार्यकर्ता की इसमें संलिप्तता नहीं है। मैं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से अनुरोध करूंगा कि वह पुलिस को किसी भी तरह की गुंडागर्दी के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दें, क्योंकि भाजपा ऐसे किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं करती है।”

भाषा प्रशांत दिलीप

दिलीप


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