कोच्चि, 19 फरवरी (भाषा) शबरिमला में कथित सोना चोरी के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बृहस्पतिवार को केरल उच्च न्यायालय से कहा कि वह 31 मार्च तक संबंधित अदालत में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर सकती है।
न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी और न्यायमूर्ति के वी जयकुमार की पीठ को एसआईटी ने बताया कि जमशेदपुर स्थित राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला ने आश्वासन दिया है कि वह शबरिमला कलाकृतियों से लिए गए नमूनों का शीघ्र परीक्षण कर जल्द रिपोर्ट देगी।
पीठ ने कहा, ‘‘इस आश्वासन को देखते हुए एसआईटी ने कहा कि अंतिम रिपोर्ट 31 मार्च 2026 तक संबंधित अदालत में पेश की जा सकती है।’’
एसआईटी ने अदालत को बताया कि द्वारपाल मूर्तियों और श्रीकोविल (गर्भगृह) की चौखट से सोने की कथित चोरी के दो मामलों में कुल 36 नमूने एकत्र किए गए हैं।
इसने बताया कि प्रयोगशाला ने इन परीक्षणों के महत्व को देखते हुए उन्हें नि:शुल्क करने पर सहमति दी है।
टीम ने उच्च न्यायालय से कहा कि नमूने जांच आयुक्त एवं विशेष न्यायाधीश (सतर्कता), कोल्लम के समक्ष पेश कर दिए गए हैं ताकि उन्हें वैज्ञानिक परीक्षण के लिए जमशेदपुर स्थित प्रयोगशाला भेजा जा सके।
एसआईटी ने यह भी बताया कि आरोपियों द्वारा कथित रूप से इस्तेमाल किए गए फोन से जुड़े कॉल डाटा रिकॉर्ड प्राप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इसने बताया कि दो साल से अधिक समय बीत जाने के कारण टेलीकॉम कंपनियों को आवश्यक निर्देश जारी करना पड़ सकता है ताकि अपराध से जुड़ी कोई भी उपलब्ध जानकारी वाला डेटा हासिल किया जा सके।
अदालत ने एसआईटी को इन कंपनियों से अनुरोध करने की अनुमति देते हुए कहा, ‘‘ऐसा अनुरोध मिलने पर और अगर डेटा उपलब्ध हुआ, तो सेवा प्रदाता उसे एसआईटी को देने की कोशिश करेंगी।’’
सुनवाई के दौरान सरकार ने अदालत को बताया कि तिरुवनंतपुरम स्थित सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के निदेशक ने शबरिमला मंदिर के ध्वज स्तंभ से जुड़े सोना चोरी मामले में प्रारंभिक जांच के लिए पुलिस उपाधीक्षक हरि सी एस को नियुक्त किया है।
अदालत ने कहा कि जांच दल प्रमुख की सहायता के लिए अधिकारियों के नाम भी दे दिए गए हैं और रिपोर्ट 30 दिन में सौंपी जाएगी।
मामले की अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी।
भाषा खारी माधव
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