सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से हटा प्रतिबंध,एससी ने बताया-संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन

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सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से हटा प्रतिबंध,एससी ने बताया-संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन

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  • Publish Date - September 28, 2018 / 03:35 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:34 PM IST

नई दिल्ली। केरल के सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर में सभी महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध को महिलाओं के संवैधानिक अधिकार करार देते हुए इसे खारिज किया है। अब से सभी महिलाएं मंदिर में प्रवेश कर सकेंगी। मंदिर में फिलहाल 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं थी, जिसे इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन और अन्य ने चुनौती दी थी। इस प्रथा पर लैंगिक आधार पर भेदभाव करने और संवैधानिक समानता के अधिकार में भेदभाव करने का आरोप है।

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केरल सरकार ने भी मंदिर में सभी महिलाओं के प्रवेश की वकालत की थी,वहीं इससे पहले याचिका का विरोध करने वालों की दलील थी कि सुप्रीम कोर्ट सैकड़ों साल पुरानी प्रथा और रीति रिवाज में दखल नहीं दे सकता। भगवान अयप्पा खुद ब्रह्मचारी हैं और वे महिलाओं का प्रवेश नहीं चाहते।

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पांच जजों की संविधान पीठ ने 3 अगस्त को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था कि क्या महिलाओं को उम्र के हिसाब प्रवेश देना संविधान के मुताबिक है? सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि संविधान इतिहास पर नही चलता बल्कि ये ऑर्गेनिक और वाइब्रेंट है। 

 

वेब डेस्क, IBC24